Kuber Vastu Tips: घर में कहां होता है कुबेर कार्नर, जानें कैसे करें स्थापित, सही दिशा, पूजा विधि और वास्तु नियम

कुबेर यंत्र को घर या कार्यालय में किस दिशा में रखना शुभ माना जाता है? जानें वास्तु के अनुसार सही स्थान, पूजा विधि और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

 

धर्म डेस्क। भगवान कुबेर को धन, वैभव और समृद्धि का देवता माना जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से स्थापित और पूजित कुबेर की मूर्ति घर या व्यापारिक प्रतिष्ठान में सकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि का संचार करता है। नौ निधियों के देवता कुबेर देवता हैं। ज्योतिषियों का मानना है कि, जिस घर में कुबेर देवता का वास हो उस घर में पैसे की कभी कमी नहीं होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि अगर आप घर में कुबेर देव की मूर्ति रखना चाहते हैं, तो कौन सा दिशा सबसे शुभ है। जिससे आपकी सभी परेशानियां भी दूर हो सकती हैं।

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1. मंदिर में रखें तो उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) सबसे शुभ

वास्तु के अनुसार कुबेर देव को घर के मंदिर में स्थापित करना सबसे उत्तम माना गया है। मंदिर का स्थान उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में होना चाहिए, क्योंकि इस दिशा के अधिष्ठाता भगवान शिव हैं और भगवान कुबेर उनके परम भक्त माने जाते हैं।

इस स्थिति में कुबेर देव को इस प्रकार रखें कि उनका मुख पश्चिम दिशा की ओर हो, जबकि पूजा करने वाला व्यक्ति पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजा करे।

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उत्तर दिशा के मध्य भाग में भी रख सकते हैं

यदि मंदिर में स्थापित करना संभव न हो तो कुबेर की छोटी मूर्ती को घर या कार्यालय की उत्तर दिशा के मध्य भाग में रखा जा सकता है। वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा के स्वामी स्वयं भगवान कुबेर माने गए हैं। इस स्थान पर पूजा करते समय मूर्ति दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए, जबकि पूजा करने वाला उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठे।

तिजोरी या धन रखने के स्थान पर भी है शुभ

कुबेर देव को उस तिजोरी या लॉकर में भी रखा जा सकता है, जहां नकदी, आभूषण, संपत्ति के दस्तावेज या अन्य मूल्यवान वस्तुएं रखी जाती हैं। मान्यता है कि इससे धन की सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि में वृद्धि होती है।

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सिर्फ मूर्ति रखना ही पर्याप्त नहीं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार केवल कुबेर को स्थापित कर देना पर्याप्त नहीं माना जाता। इसकी नियमित पूजा, बीज मंत्र का जप और पूर्ण श्रद्धा के साथ संकल्प करना भी आवश्यक बताया गया है।मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में मंत्रों के साथ यंत्र की स्थापना करने से उसकी आध्यात्मिक ऊर्जा जागृत होती है।

प्रतिदिन भोग लगाना भी शुभ माना गया है

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान कुबेर को स्वादिष्ट भोजन का भोग अत्यंत प्रिय है। इसलिए प्रतिदिन यंत्र के समक्ष नैवेद्य या भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है।

विशेषज्ञ की सलाह से करें स्थापना

धर्माचार्यों के अनुसार साधना एक आध्यात्मिक और वैदिक प्रक्रिया है। इसलिए कुबेर की स्थापना और पूजा किसी योग्य पंडित या ज्योतिषाचार्य के मार्गदर्शन में करना अधिक फलदायी माना जाता है। उचित विधि के बिना केवल मंत्र जाप या यंत्र रखने से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।

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