झारखंड में एक ही IP एड्रेस से भरे गए दर्जनों विभागों में टेंडर, CAG का खुलासा; बाबूलाल ने उठाए सवाल
Tenders in dozens of departments in Jharkhand were filled from the same IP address, CAG revealed; Babulal raised questions

झारखंड में एक ही आईपी एड्रेस से तीन विभागों के टेंडर भरे गए. कैग की रिपोर्ट के हवाले से नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने यह दावा किया है. बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को ट्विटर के माध्यम से बताया कि महालेखाकार की जांच में यह सामने आया है कि पेयजल स्वच्छता, ग्रामीण कार्य विकास और गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन जैसे दर्जनों विभागों में एक ही आईपी एड्रेस से टेंडर भरा गया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि स्पष्ट है कि ठेके पहले से ही तय होती हैं. पूरी प्रक्रिया केवल औपचारिकता होती है. करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड में सरकारी टेंडर की आवंटन प्रक्रिया की पारदर्शिता हमेशा संदेहास्पद रही है.
टेंडर आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि टेंडर आवंटन में इतनी अनियमितता से सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं की गुणवत्ता पर असर पड़ता है. इसी का नतीजा है कि जलमीनार ध्वस्त हो जाते हैं. सड़कें कुछ ही महीनों में जर्जर हो जाती है. भ्रष्टाचार के आरोपों में इंजीनियर और अधिकारी से लेकर मंत्री तक जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं.
झारखंड में विकास का काम हो रहा है बाधित
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस स्थिति से विकास बाधित होता है. झारखंड की छवि भी धूमिल हो रही है. यदि करप्शन पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आम जनता का सरकारी तंत्र पर से विश्वास पूरी तरह से उठ जाएगा. वक्त आ गया है कि जवाबदेही तय की जाए. पारदर्शिता सुनिश्चित की जाये.











