1 जुलाई से बदल जाएंगे बैंकिंग नियम: ATM से डेबिट कार्ड तक बढ़े चार्ज, इन बैंकों के ग्राहक हो जाएं सावधान

नई दिल्ली। अगर आप ICICI बैंक या HDFC बैंक के ग्राहक हैं, तो आपके लिए यह खबर बेहद जरूरी है। 1 जुलाई 2025 से इन दोनों बैंकों के कई नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं, जिससे आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। एटीएम से पैसे निकालने से लेकर डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और IMPS ट्रांजेक्शन तक, कई सेवाओं पर अब ज्यादा चार्ज देना होगा।
1 जुलाई से बदल जाएंगे बैंकिंग नियम: ICICI बैंक में क्या-क्या बदलेगा?
1. ATM से पैसे निकालना अब महंगा
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दूसरे बैंक के ATM से:
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3 फ्री ट्रांजेक्शन के बाद हर वित्तीय लेन-देन पर ₹23 और गैर-वित्तीय ट्रांजेक्शन पर ₹8.5 का शुल्क लगेगा (पहले यह ₹21 था)।
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मेट्रो शहरों में: केवल 3 फ्री ट्रांजेक्शन।
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गैर-मेट्रो में: 5 फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा।
2. IMPS ट्रांजेक्शन पर चार्ज
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₹1,000 तक: ₹2.50
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₹1,000 से ₹1 लाख तक: ₹5
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₹1 लाख से ₹5 लाख तक: ₹15 प्रति ट्रांजेक्शन
3. ब्रांच से कैश निकालने पर
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हर महीने 3 बार फ्री निकासी।
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उसके बाद हर बार ₹150 चार्ज।
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महीने में ₹1 लाख से ज्यादा निकालने पर, प्रति ₹1,000 पर ₹3.5 या ₹150 (जो ज्यादा हो) लगेगा।
4. डेबिट कार्ड चार्ज
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सालाना चार्ज:
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सामान्य कार्ड: ₹300
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ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक: ₹150
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कार्ड खोने या खराब होने पर नया कार्ड बनवाने पर ₹300 चार्ज।
5. डिमांड ड्राफ्ट और अन्य बैंकिंग सेवाएं
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कैश डिपॉजिट, चेक, डीडी, पे ऑर्डर आदि पर ₹1,000 पर ₹2 का शुल्क।
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न्यूनतम ₹50 और अधिकतम ₹15,000 तक।
1 जुलाई से बदल जाएंगे बैंकिंग नियम: HDFC बैंक में क्या होगा बदलाव?
1. क्रेडिट कार्ड से गेमिंग और वॉलेट ट्रांजेक्शन पर चार्ज
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ड्रीम11, MPL जैसे गेमिंग ऐप्स पर महीने में ₹10,000 से ज्यादा खर्च पर 1% अतिरिक्त शुल्क।
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यह शुल्क अधिकतम ₹4,999 प्रति माह तक होगा।
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इन पर कोई रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेगा।
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थर्ड पार्टी वॉलेट्स (Paytm, Freecharge, Mobikwik, Ola Money) में ₹10,000 से ज्यादा लोड करने पर भी यही चार्ज लागू।
2. रेंट पेमेंट पर चार्ज
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किराया भुगतान पर 1% शुल्क लगेगा।
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अधिकतम सीमा ₹4,999 प्रति माह।
3. फ्यूल और यूटिलिटी बिल पर चार्ज
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फ्यूल ट्रांजेक्शन: ₹15,000 से ज्यादा पर 1% चार्ज।
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यूटिलिटी बिल (बिजली, पानी, गैस आदि): ₹50,000 से ऊपर के भुगतान पर 1% शुल्क।
1 जुलाई से बदल जाएंगे बैंकिंग नियम: क्या करें ग्राहक?
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अपने मासिक लेनदेन की योजना बनाएं।
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ATM ट्रांजेक्शन की संख्या सीमित रखें।
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डिजिटल ट्रांजेक्शन करते समय नए शुल्कों का ध्यान रखें।
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अगर संभव हो तो वैकल्पिक बैंकिंग सेवाओं या डिजिटल वॉलेट्स का उपयोग करें।
बैंकिंग सेवाओं में बदलाव समय-समय पर होते हैं, लेकिन इनका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि आप इन नए नियमों की जानकारी पहले से रखें और अनावश्यक शुल्क से बचें।









