बिग ब्रेकिंग : दिल्ली में भूकंप के झटके, दहशत के बाद घरों से निकले लोग….

Earthquake in Delhi : दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके महसूस होने की खबर चिंताजनक है, लेकिन राहत की बात ये है कि फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। रिक्‍टर स्‍केल पर 5 की तीव्रता वाला भूकंप आमतौर पर हल्के से मध्यम झटके देता है, जो ज्यादा नुकसान नहीं करता। फिर भी, झटकों के दौरान लोग घबराकर घरों और ऑफिस से बाहर निकलने लगे, जो कि स्वाभाविक प्रतिक्रिया है।

भूकंप का केंद्र नेपाल में था और इसकी गहराई 20 किलोमीटर थी, जो यह बताता है कि यह भूकंप सतह से कुछ गहरे स्थान पर आया था, इसलिए इसके असर को कम महसूस किया जा सकता है। हालांकि, कुछ मामूली नुकसान जैसे दीवारों पर टंगी तस्वीरों का गिरना या खिड़कियों का टूटना संभव है, लेकिन बड़े स्तर पर नुकसान की संभावना कम है।

किसी भी आपात स्थिति में, सुरक्षा के लिए सरकार और संबंधित एजेंसियां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह देती हैं। ऐसे समय में घबराहट से बचना और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण होता है।

दिल्ली में भूकंप:भूकंपीय जोन-4 में आता है दिल्ली

भारत को भूकंप के लिहाज से 5 जोन में बांटा गया है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां तेज भूंकप आने के बहुत कम चांस रहते हैं। दिल्ली भूकंपीय जोन-4 में आता हैं। जिसमें 5-6 तीव्रता के भूकंप से लेकर, 6.8 तीव्रता तक के भूकंप आने की संभावना रहती है।

दिल्ली में भूकंप: क्यों आते हैं भूकंप?

सीधे और आसान शब्दों में कहें तो भूकंप पृथ्वी की सतह पर होने वाली हलचल या कंपन हैं, जो पृथ्वी की आंतरिक संरचना में होने वाली गतिविधियों के कारण आते हैं। पृथ्वी की आंतरिक संरचना को 3 परतों में बांटा गया है। भूपर्पटी (Crust), मेंटल (Mantle) और क्रोड (Core)। पृथ्वी की सबसे बाहरी परत कई टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें लगातार धीमी गति से चलती रहती हैं। धीरे-धीरे हर साल 2-5 सेमी खिसकती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं, दूर हटती हैं या एक-दूसरे के नीचे सरकती हैं, तो एक तनाव पैदा होता है। जिसके कारण हमें भूकंप के झटके महसूस होते हैं। झामुमो के स्थापना दिवस पर CM हेमंत का भाजपा पर तीखा हमला…रामनवमी को लेकर दी चेतावनी…हेमंत सोरेन बोले- कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत

Related Articles