ठगों से ही ठगी : CID अफसर बनकर जामताड़ा के साइबर ठगों से ठगी… पुलिस ने इंजीनियर समेत 2 को पकड़ा…आरोपी में एक नेता का बेटा भी

जामताड़ा। ठग गिरोह के चर्चित जामताड़ा में CID अफसर बनकर साइबर ठगों से ही ठगी के गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में इंजीनियर समेत 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये शातिर खुद को सीआइडी अफसर बताकर पहले साइबर अपराधियों को फर्जी नोटिस भेजते थे और फिर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।मामले में जामताड़ा थाना क्षेत्र के दक्षिणबहाल के विधानचंद्र सर्खेल और सर्खेलडीह शिक्षक कॉलोनी निवासी कुंदन झा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। कुंदन झा सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी संतोष रक्षित फरार है।

दरअसल जामताड़ा एसपी को मिली गुप्त सूचना पर जामताड़ा साइबर ठगी से जुड़े लोगों को नोटिस जारी किया जा रहा है। पुलिस ने जब इस मामले में तफ्तीश की तो पता चला कि सीआईडी के नाम पर फर्जी नोटिस जारी कर पैसे की वसूली हो रही है। जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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गिरफ्तार साइबर अपराधी में जामताड़ा के ही दक्षिण बहाल निवासी विधान चंद्र सर्खेल शामिल है, जो हिंदुस्तान पीपुल्स पार्टी का जामताड़ा जिलाध्यक्ष भी है. साइबर ठग विधान चंद्र सर्खेल के पिता कांग्रेस के जाने-माने नेता हैं. एक और साइबर अपराधी कुंदन झा की गिरफ्तारी हुई है. वह भी जामताड़ा के ही टीचर्स कॉलोनी का रहने वाला है और सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वहीं करमाटांड़ थाना क्षेत्र के नीमडीह निवासी साइबर अपराधी शहजाद अंसारी भी पकड़ा गया, जबकि कुख्यात साइबर अपराधी सोनबाद निवासी संतोष रक्षित भागने में सफल रहा.

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