विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा ने मांगा 75% आरक्षण…कहा – कंपनियां कर रही है विस्थापित परिवार को नजरंदाज

रांची विस्थापित-प्रभावित संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में कटिया सरना स्थल (काली मंदिर परिसर ) में PVUNL के विस्थापित प्रभावितों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता आदित्य नारायण प्रसाद तथा संचालन भुनेश्वर महतो एवं अब्दुल क्यूम अंसारी ने संयुक्त रूप से किया। बैठक के माध्यम से सर्वप्रथम 1932 को खतियान के आधार पर स्थानीयता का विधेयक तथा ओ. बी. सी. के लिए 27%आरक्षण विधेयक विधान सभा से पारित होने पर ख़ुशी व्यक्त किया गया और झारखण्ड सरकार को इस ऐतेहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद दिया गया।
कार्यक्रम में विचार मंथन करते हुए PVUNL प्रबंधन से मांग किया गया कि झारखण्ड सरकार के द्वारा पारित सरकुलर के अनुसार सभी तरह की नियुक्तियों अथवा BHEL और BHEL की एजेन्सियों के द्वारा किए जा रहे कामों में 75% विस्थापित प्रभावितों के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जाय। इस सन्दर्भ में यहाँ चल रहे अन्य उद्योगों खासकर जिन्दल स्टील कम्पनी तथा इण्डस्ट्रीयल एरिया में स्थापित फैक्ट्रीयों में एवं लेक रिसोर्ट में भी विस्थापित- प्रभावितों के लिए 75% नियुक्ति को आरक्षित करते हुए इसको सार्वजनिक करे।
PVUNL में कार्यरत BHEL की एजेन्सी में. महालक्ष्मी, मे. कशिश, RVPR, मे हाइ ग्रे तथा अन्य एजेन्सियों के द्वारा विस्थापित प्रभावित मजदूरों को काम करवाकर चार महीनों से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है, इस पर BHEL तथा PVUNL प्रबंधन संज्ञान लेकर शीघ्र कार्रवाई करे और मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जाए अन्यथा उक्त एजेन्सियों का काम ठप करवा दिया जाएगा।
आज के बैठक में मुख्य रूप से कुमेल उराँव, किशोर कुमार महतो, प्रदीप महतो, रवि कुमार, मनु मुण्डा, छोटू करमाली, नन्दकिशोर महतो, अर्जुन सिंह, मन्टू कुमार माधव कुमार, किशोर प्रसाद, अजय कुमार, संजय गुरु, रीता देवी, बिना देवी, रितु देवी, चिंता देवी, जितेन्द्र उरॉव, अशोक उरांव, जिनेन्द्र मुण्डा, विरेन्द्र कुमार, रंजन पटेल, चरण पाहन, राजीव इंजन, सुनील सिंह, रविंद्र कुमार, विनोद कुमार महतो, चरण मुंडा, पंकज कुमार महतो, अजय कुमार, रविन्द्र महतो, विनोद कुमार महतो प्रदीप साहू राम कुमार सिंह, रविंद्र आदि सैकड़ो विस्थापित उपस्थित थे।









