मौसम: हिमाचल में बादल फटने से मची तबाही, गुजरात में बाढ़ के हालात; आज 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

दिल्ली। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के बीच हिमाचल प्रदेश के किनौर में बादल फटने से तबाही मच गई। सैकड़ों बीघा भूमि पर मलबा आने से फसलें तबाह हो गई तो चार सिंचाई नहरों के भारी नुकसान पहुंचा है। उधर, उत्तराखंड के जोशीमठ में हेमकुंड साहिब मार्ग पर भूस्खलन से भारी चट्टाने सड़कों पर आ गिरी, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, गुजरात के कई इलाकों में अब भी बारिश का पानी भरा होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। मौसम विभाग ने हिमाचल में 3 अगस्त तक पूरे प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी करने के साथ ही देश के 22 राज्यों में सोमवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

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किन्नौर में बादल फटने के बाद आए मलबे से सबसे अधिक नुकसान सेब बागवानों को हुआ। इसके अलावा राजमा, ओगला और फाफरा सहित अन्य नकदी फसलें भी तबाह हो गईं। रोपा पंचायत में ग्रामीण धर्म सिंह मेहता के दो कमरों का मकान बह गया, जबकि हरि सिंह के मकान में पानी और मलबा भर गया। जल शक्ति विभाग की करीब 60 मीटर कूहल में मलबा भर गया। वहीं, ज्ञाबुंग नाले में जलस्तर बढ़ने से होलियाती कूहल का स्रोत टूट गया है, जिससे विभाग को भारी क्षति पहुंची है। जांगती कूहल में भी स्रोत टूटने से लाखों का नुकसान हुआ है।

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पूह के कार्यवाहक एडीएम विक्रम सिंह ने बताया कि क्षति का जायजा लेने के लिए राजस्व विभाग की टीम भेजी गई है। उधर, बारिश के कारण किन्नौर के ही निगुलसरी ब्लॉक प्वाइंट पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से नेशनल हाईवे-5 सुबह चार घंटे बंद रहा। कुल्लू के आनी उपमंडल में बीती रात भारी बारिश से आनी-कुल्लू नेशनल हाईवे-305 और कई ग्रामीण सड़कें अवरुद्ध हो गईं। कुल्लू और लाहौल में शनिवार रात से जारी बारिश के कारण मनाली के पलचान में बाढ़ जैसे हालात बन गए। ब्यास और सरेही नाला में जलस्तर बढ़ने से पांच घरों के लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। उधर, शिमला के मैहली में मलबा गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई।

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हेमकुंड साहिब मार्ग पर भूस्खलन, वाहन क्षतिग्रस्त

उत्तराखंड के जोशीमठ में हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर पुलना में भूस्खलन की चपेट में आकर एक महिला घायल हो गई। वहीं बोल्डर गिरने से एक कार व स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। भूस्खलन से जिला पंचायत के टिन शेड को भी भारी नुकसान पहुंचा है। गोविंदघाट थानाध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद बिजल्वाण ने बताया, सड़क पर आए बोल्डर और मलबे को हटाकर वाहनों की आवाजाही सुचारू करा दी गई है।

गुजरात और पूर्वी राजस्थान में आज भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने गुजरात और पूर्वी राजस्थान सोमवार को भारी से बेहद भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, विदर्भ, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल और तटीय कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं, मौसम विभाग 30 जुलाई को नगालैड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बेहद बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, 31 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड के कई इलाकों में यही स्थिति रह सकती है।

क्षेत्र को बाढ़ प्रभावित घोषित किया तो ही मिलेगी केंद्र से आर्थिक मदद

केंद्र सरकार अब जल्द ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को केंद्रीय सहायता मुहैया कराने के लिए कानून लाने पर विचार कर रहा है। दरअसल, केंद्र ने बाढ़ का सामना कर रहे राज्यों को निर्देश दिया है कि उनके जिन भी इलाकों में बाढ़ आई है, वह उन्हें बाढ़ग्रस्त इलाका घोषित करें। हालांकि, इस सिलसिले में कई बार राज्यों को निर्देश भेजे जाने के बावजूद अब तक सिर्फ चार राज्यों मणिपुर, राजस्थान, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर ने ही इसका पालन किया है। ऐसे में अब केंद्र सरकार इसे लेकर कानून लाने की तैयारी में है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया केंद्रीय जल आयोग ने मॉडल अधिनियम को अपडेट किया और मंत्रालय राज्यों के साथ परामर्श का एक और दौर शुरू करने की योजना बना रहा है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने बाढ़ प्रबंधन और सीमा क्षेत्र कार्यक्रम (एफएमबीएपी) के तहत राशि प्राप्त करने के लिए राज्यों के लिए बाढ़ क्षेत्र क्षेत्रीकरण अधिनियम को लागू करना अनिवार्य किया है। हम बाढ़ प्रबंधन एवं सीमा क्षेत्र कार्यक्रम के अगले चरण के लिए कैबिनेट की मंजूरी लेने जा रहे हैं।

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