स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल बिग ब्रेकिंग : “सिर्फ आश्वासन पर टूट गया अनशन”…. स्वास्थ्यमंत्री के आश्वासन पर तोड़ा अनशन, लेकिन हड़ताल जारी रखने का किया ऐलान… जानिये क्या-क्या मिला आश्वासन

रांची। 24 दिनों से चला आ रहा आमरण अनशन सिर्फ आश्वासन के बूते खत्म हो गया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने हड़ताल को जारी रखने का ऐलान किया है। लंबे समय से आंदोलन पर बैठे स्वास्थ्यकर्मी अपनी नियमितिकरण की मांग को लेकर अड़े हुए थे, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में जिस तरह से सिर्फ आश्वासन के बूते अनशन टूटा, उसने काफी हैरान कर दिया। इससे पहले आंदोलनकारी का हमेशा यही दावा था कि नियमितिकरण होने तक उनका अनशन जारी रहेगा। इसी जिद के साथ प्रदर्शनकारियों ने आमरण अनशन भी शुरू किया था।

पिछले दिनों अलग-अलग स्तर पर जब वार्ता की बात होती थी, तो उस दौरान भी हड़ताली कर्मचारी यही करते रहे कि इस बार आश्वासन पर वो अनशन तोड़ने वाले नहीं है। यही वजह भी थी कि स्वास्थ्यकर्मियों का आंदोलन इतना लंबा खींचा। क्योंकि, आश्वासन अनशन तोड़ने का आश्वासन पहले भी मिलता रहा था, लिहाजा सवाल उठना लाजिमी है कि जब उस वक्त अनशनकारी आश्वासन पर समझौता को तैयार नहीं थे, तो फिर स्वास्थ्यमंत्री के सिर्फ आश्वासन पर प्रदर्शनकारी कैसे मान गये।

जारी समझौता पत्र

इससे पहले आज अनुबंधित चिकित्साकर्मी का प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से मिला। स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर प्रतिनिधिमंडल की हुई मुलाकात के दौरान मांगों पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री सार्थक पहल कर आमरण अनशन तोड़ने का अनुरोध किया। जिसके बाद संयुक्त सचिव आलोक त्रिवेदी और प्रशाखा पदाधिकारी धरना स्थल पहुंचे और 24 दिनों से जो आमरण अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

कर्मचारी संघ एनएचएम एएनएम जीएनएम/ पारा चिकित्सा कर्मी संघ को भरोसा दिया गया है कि उनकी मांगों के संबंध में सरकार विचार कर रही है। इस संबंध में इस माह में 20/2/23 से 24/2/23 के बीच स्वास्थ्य मंत्री चिकित्सा शिक्षा परिवार कल्याण विभाग की अध्यक्षता में विभाग के वरीय पदाधिकारियों के साथ संघ के पदाधिकारियों की साथ वार्ता की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री तथा संयुक्त सचिव के आश्वासन पर प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। संगठन ने आगे की रणनीति बनाने के लिए 17 फरवरी को कोर कमेटी की बैठक बुलायी है। जिसमें 24 जिलों से आए हुए प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की जायेगी और आगे की रणनीति पर चर्चा की जायेगी।

संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री के इस सार्थक पहल के लिए आभार व्यक्त करते हैं। अभी भी झारखंड राज्य के 24 जिले से लगभग 7000 कर्मी आंदोलनरत है और रांची में लगभग 2000 बैठे हुए थे।

Related Articles

close