झारखंड: “सख्त हिदायत के बावजूद बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ निकली रैली”, निशिकांत दुबे ने कहा….

पाकुड़। कॉलेज के हॉस्टल में घुसकर छात्रों की पिटाई मामले ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा ने इस मुद्दे पर जहां सरकार को जमकर घेरा है, तो वहीं डेमोग्राफी चेंज को लेकर मुद्दा और गरमाने लगा है। झारखंड के पाकुड़ जिला मुख्यालय स्थित केकेएम कॉलेज के हॉस्टल में पुलिसकर्मियों ने करीब एक दर्जन छात्रों की बुरी तरह पिटाई की। 10 से ज्यादा ज्यादा छात्र घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए पाकुड़ सदर हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया है।

छात्रों ने झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ शनिवार को आक्रोश रैली निकालने का ऐलान किया था। आरोप है कि पुलिस अफसरों ने देर रात हॉस्टल पहुंचकर रैली रोकने का दबाव डाला। इनकार करने पर लाठी-डंडों से उनकी जमकर पिटाई की गई। हालांकि पिटाई के बावजूद छात्रों ने रैली निकाली। हालांकि पुलिस का कहना है कि एक व्यक्ति के अपहरण की सूचना पर मोबाइल लोकेशन की जांच करते हुए पुलिस टीम हॉस्टल पहुंची थी, तब उनपर छात्रों ने हमला कर दिया।

हालांकि छात्र नेताओं ने बताया कि पहले से निर्धारित आक्रोश रैली को रोकने के लिए बीती रात करीब साढ़े दस बजे एक पुलिस पदाधिकारी हॉस्टल में आए और उनसे कहा कि रैली नहीं निकलनी चाहिए। छात्रों ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद रात करीब एक बजे 100 से भी ज्यादा पुलिस अफसर और जवान लाठी-डंडे लेकर हॉस्टल पहुंचे और छात्रों के कमरे खुलवाकर पिटाई की। अब भाजपा इस मुद्द को विधानसभा में उठाने की बात कह रही है।

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