कैबिनेट के सभी 23 फैसले पढ़ें: PPP मॉडल पर चलेगी ITI, SSLNT कॉलेज में साइंस ब्लॉक, सरकार करायेगी पायलटों को ट्रैनिंग

रांची।हेमंत कैबिनेट की बैठक में आज 20 से ज्यादा फैसलों पर मुहर लगा। राज्यकर्मियों का महंगाई भत्ता बढ़ा, तो वहीं अंशकालिन शिक्षकों को सेवा विस्तार भी दिया गया। प्रभारी कैबिनेट सचिव अजय कुमार सिंह ने कैबिनेट में लिए गए निर्णय की जानकारी दी। कैबिनेट ने एसएसएलएनटी महिला महाविद्यालय धनबाद के साइंस ब्लॉक के निर्माण के लिए कुल 37 करोड़ 47 लाख 68000 की स्वीकृति दी।

वहीं, मुख्यमंत्री उज्जवल झारखंड योजना के तहत राज्य के सभी जिलों के ग्रामीण क्षेत्र के अविद्युतीकृत टोलों, घरों तथा शहरी क्षेत्र के बचे हुए अविद्युतीकृत स्थान को विद्युतीकृत करने हेतु 1485. 39 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

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  • चतरा जिला के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत कोलाइबियर परियोजना के पुनरुद्धार और मुख्य लाइन लाइनिंग के लिए भी कैबिनेट से 35 करोड़ 75 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है. इसी तरह लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में घाघरी बियर योजना के पुनरुद्धार और मुख्य नहर लाइनिंग के लिए 42.34 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
  • सरकार ने दुमका में प्रस्तावित पायलट प्रशिक्षण अकादमी में 15 प्रशिक्षु पायलट को मुफ्त प्रशिक्षण देने का भी निर्णय लिया है. सिंह ने कहा, ‘परीक्षण के माध्यम से कुल 30 प्रशिक्षु पायलट का चयन किया जाएगा. इन 30 प्रशिक्षु पायलट में से 15 को 100 फीसदी छात्रवृत्ति नीति के तहत चुना जाएगा और उन्हें मुफ्त प्रशिक्षण मिलेगा.’
  • उन्होंने बताया कि इन 15 पायलट के प्रशिक्षण के लिए सरकारी खजाने पर लगभग 9.10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. सिंह के मुताबिक, ‘प्रशिक्षण दो चरणों में दिया जाएगा. एक का संचालन दुमका में किया जाएगा, जबकि दूसरा झारखंड के बाहर होगा, क्योंकि एयरबस पायलट प्रशिक्षण की सुविधा केवल गुरुग्राम और नोएडा में उपलब्ध है.’
  • राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में संचालन करने के लिए कई संशोधनों को भी मंजूरी प्रदान की।
  • ‘इससे पहले, आईटीआई को पीपीपी मोड पर चलाने के लिए निविदाएं जारी की गई थीं, लेकिन बहुत कम बोली लगाने वाले आए. कारणों की समीक्षा के बाद कई संशोधन किए गए हैं. अब एक निजी एजेंसी दो के बजाय तीन आईटीआई का संचालन कर सकती है. इसी तरह, पहले आईटीआई को 10 साल के लिए देने का प्रस्ताव था और अब एक बार में पांच साल का विस्तार दिया जा सकता है.’

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