रांची सांसद संजय सेठ पर क्यों हुआ FIR, जानिए क्या है पूरा मामला?

Why was an FIR filed against Ranchi MP Sanjay Seth, know what is the whole matter?

रांची सांसद सह केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, भैरव सिंह समेत सैकड़ो लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. दरअसल, पंडरा ओपी में इन सभी के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में एफआईआर हुआ है. यह केस पंडरा ओपी प्रभारी मनीष कुमार के बयान पर दर्ज हुआ है.

बयान में क्या क्या बताया गया?

ओपी प्रभारी मनीष कुमार ने अपने बयान में जिक्र किया है कि संजय सेठ, मालीत ओझा, कुमद झा, बैजू सोनी, सत्यनारायण सिंह, प्रदीप ओझा, धर्मेंद्र साहू अशोक यादव सहित 70 बंद समर्थक भाजपा नेता अनिल महतों की हत्या के बाद अगले दिन यानी गुरूवार को रांची बंद के दौरान हाथ में बांस और लाठी लिए उग्र नारा लगा रहे थे.

पिस्का चौक को जाम कर आवागमन को पूरी तरह से बाधित किया गया था. पुलिस द्वारा आवागमन शुरू कराने का प्रयास किया गया लेकिन संजय सेठ और अन्य बाकी लोगों भी वहां से हटने के लिए तैयार नहीं थे. और फिर धरने पर बैठ गए. इसके अलावे समर्थकों के द्वारा आसपास की दुकानों को जबरन बंद करा दिया गया. सड़क पर टायर जलाकर विरोध किया गया.

जिससे दुकानों में आग लगने का खतरा पैदा हो गया. इससे सभी दुकानदार डर गए और दुकान बंद कर भाग निकले. पिस्का मोड़ में स्थिति अनियंत्रित हो गई थी. बंद समर्थक सरकारी काम में बाधा डालते हुए वहां तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे.

काफी मशक्कत के बाद आवागमन को सामान्य कराया जा सका. पुलिस ने आवागमन बाधित करने, दुकानदारों को डराकर दुकान बंद कराने और आम जनजीवन को प्रभावित करने का आरोप भी लगाया है.

अनिल टाइगर की हत्या के बाद भाजपा ने बुलाया था बंद

गौरतलब है कि भाजपा नेता अनिल टाइगर की कांके में बुधवार को दिनदहाड़े अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. जिसके विरोध में ही भाजपा सहित अन्य दलों नें रांची बंद बुलाया था. और भाजपा के नेता समर्थक सड़कों पर उतरकर बंदी का समर्थन कर रहे थे. इस दौरान ही पिस्का चौक के समीप सांसद संजय सेठ अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे थे. और बंदी का समर्थन कर रहे थे.

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