झारखंड : राजधानी में प्रदर्शन करना होगा मुश्किल, जानिये धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली के लिए अब कहां-कहां लेनी होगी अनुमति

रांची: राजधानी रांची में अब धरना, प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली और आमसभा करना आसान नहीं होगा। किसी भी संगठन को सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने से पहले प्रशासन को इसकी जानकारी देना और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेना जरूरी होगा। जिला प्रशासन ने रविवार को इस संबंध में जरूरी सूचना जारी करते हुए राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और आम लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की है।

प्रशासन के मुताबिक सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए रांची सदर या बुंडू के अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। आयोजकों को कार्यक्रम की जानकारी पहले से प्रशासन को देनी होगी, ताकि कानून-व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं समय रहते की जा सकें।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

रैली-जुलूस के लिए बतानी होगी पूरी जानकारी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी जुलूस या रैली के आयोजन से पहले आयोजकों को कई जरूरी जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी। इनमें प्रस्तावित रूट, कार्यक्रम की तारीख, शुरू होने और समाप्त होने का समय तथा अनुमानित लोगों की संख्या शामिल है।जरूरत पड़ने पर कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों की जानकारी भी प्रशासन को देनी होगी। इससे प्रशासन को कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था तैयार करने में मदद मिलेगी।

बिना सूचना कार्यक्रमों से बढ़ रही परेशानी
प्रशासन के अनुसार रांची में कई स्थानों पर बिना पूर्व सूचना के धरना, प्रदर्शन, जुलूस और रैली आयोजित किए जा रहे हैं। अचानक होने वाले इन कार्यक्रमों के कारण कई बार यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा भीड़ जुटने की स्थिति में कानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए पहले से जानकारी और अनुमति की व्यवस्था पर जोर दिया है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

प्रशासन बोला- विरोध प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण धरना और विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। प्रशासन का उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से होने वाले कार्यक्रमों को रोकना नहीं है।हालांकि, सार्वजनिक प्रदर्शन करते समय कानून का पालन करना और सार्वजनिक व्यवस्था, यातायात, सुरक्षा तथा अन्य लोगों के अधिकारों का ध्यान रखना जरूरी है।

कार्यक्रमों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए लिया गया फैसला
प्रशासन के मुताबिक पहले से अनुमति लेने की व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कार्यक्रमों को रोकना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवस्थित तरीके से संचालित कराना है। कार्यक्रम की जानकारी पहले मिलने पर प्रशासन जरूरत के अनुसार पुलिस बल की तैनाती, ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी कर सकेगा।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

राजनीतिक दलों और संगठनों से नियमों के पालन की अपील
जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने से पहले निर्धारित नियमों का पालन करें और जरूरी जानकारी समय पर प्रशासन को उपलब्ध कराएं।साथ ही छात्रों और आम लोगों से भी कहा गया है कि किसी प्रदर्शन या रैली में शामिल होने से पहले आयोजकों से कार्यक्रम की अनुमति और प्रशासन की ओर से तय शर्तों की जानकारी जरूर लें। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close