Ranchi News: 50 साल पुराना विवाद… 10 दौर की बैठक और आखिरकार निकल आया रास्ता, सुप्रीम कोर्ट के समाधान समारोह में ऐसे सुलझा टाटा स्टील का मामला
1977-78 में लगाए गए ₹68.39 लाख के पेनल्टी विवाद ने 2019 में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था; DALSA रांची की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति, वर्षों से अटका मामला समझौते के साथ खत्म

Ranchi News: एक ऐसा विवाद, जिसकी शुरुआत करीब 50 साल पहले हुई थी और जो पिछले कई वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित था, आखिरकार समझौते की मेज पर आकर सुलझ गया। सुप्रीम कोर्ट के समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) के तहत झारखंड लीगल सर्विस अथॉरिटी (झालसा) की पहल पर DALSA रांची ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कराई। करीब 10 दौर की बैठकों के बाद झारखंड सरकार के कमर्शियल टैक्स विभाग और टाटा स्टील लिमिटेड के बीच सहमति बनी और लंबे समय से चले आ रहे विवाद को खत्म करने का रास्ता साफ हुआ।
116 मामलों में कराई गई मध्यस्थता, 10 में बनी सहमति
समाधान समारोह के लिए झालसा की ओर से कुल 116 वाद डीएलएसए, रांची को मध्यस्थता के लिए सौंपे गए थे। इन मामलों में दोनों पक्षों को नोटिस भेजकर वर्चुअल और फिजिकल, दोनों माध्यमों से मध्यस्थता कराई गई।
इन 116 मामलों में से 10 मामलों में सुलह कराने में सफलता मिली। इनमें टाटा स्टील से जुड़ा यह मामला सबसे पुराने विवादों में से एक था, जिसकी जड़ें वर्ष 1977-78 तक जाती हैं।
1977-78 में लगा था ₹68.39 लाख का पेनल्टी
मामला झारखंड के कमर्शियल टैक्स विभाग द्वारा वर्ष 1977-78 में टाटा स्टील पर लगाए गए ₹68,39,946 के पेनल्टी से जुड़ा था।
टाटा स्टील लिमिटेड ने इस पेनल्टी के खिलाफ ₹25 लाख जमा कर हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने कमर्शियल टैक्स विभाग के पेनल्टी आदेश को निरस्त कर दिया था। इसके बाद कमर्शियल टैक्स विभाग की ओर से हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की गई और मामला आगे बढ़ते-बढ़ते सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया।
वर्ष 2019 से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में वाद संख्या C.A. 4061/2019, The State of Jharkhand & Others and Commissioner of Commercial Taxes vs. M/s Tata Steel Ltd. के रूप में लंबित था।
सुप्रीम कोर्ट के समाधान समारोह ने दिखाई सुलह की राह
सुप्रीम कोर्ट ने इस पुराने मामले को समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) के लिए चिन्हित किया। इसके बाद झालसा ने इसे मध्यस्थता केंद्र, रांची भेजा, जहां दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई।
मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षों के बीच करीब 10 बैठकें हुईं। कई दौर की बातचीत के बाद आखिरकार विवाद को समाप्त करने पर सहमति बन गई।
30 दिन के भीतर होगा अतिरिक्त भुगतान
मध्यस्थता के दौरान झारखंड सरकार की ओर से कमर्शियल टैक्स विभाग के नोडल अधिकारी एवं असिस्टेंट कमिश्नर संजय प्रसाद ने प्रस्तावित झारखंड कर समाधान योजना-2026 के अनुपालन के तहत समाधान का प्रस्ताव रखा।
इसके बाद टाटा स्टील के विधि विभाग के पदाधिकारी विकास मित्तल और आकर्षण कुमार के साथ आपसी विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद तय हुआ कि पहले जमा किए गए ₹25 लाख के भुगतान के बाद शेष राशि की 5 प्रतिशत राशि 30 दिनों के भीतर कमर्शियल टैक्स विभाग को दी जाएगी।
इस सहमति के साथ दोनों पक्षों ने वर्षों पुराने विवाद को समाप्त करने पर हामी भर दी।
50 साल पुराना विवाद, अब समझौते के साथ खत्म
यह मामला इस बात का उदाहरण भी है कि लंबे समय से अदालतों में चल रहे विवादों को मध्यस्थता और आपसी सहमति के जरिए खत्म किया जा सकता है। करीब पांच दशक पुराने इस विवाद को सुलझाने में DALSA रांची की मध्यस्थता की अहम भूमिका रही।
इस पूरे मामले की जानकारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची की ओर से दी गई है। अब वर्षों से अदालत में लंबित इस मामले को आपसी सहमति से खत्म करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।












