झारखंड: किडनैपिंग व रेप के आरोपी आशिक को 20 साल की सजा, घटना के 18 महीने बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला

Jharkhand: Lover accused of kidnapping and rape sentenced to 20 years in prison, court pronounced verdict 18 months after the incident

Jharkhand Crime News: किडनैपिंग और रेप के आरोपी को कोर्ट ने 20 साल की सश्रम सजा सुनायी है। आरोपी नाबालिग लड़की को पहले किडनैप करके दिल्ली ले गया, फिर वहां लड़की से बलात्कार किया। घटना को लेकर मामला दर्ज किया गया था। जिसमें नामजद आरोपित आशिक खान को दोषी करार दिया गया।

 

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देवघर कोर्ट ने पूरे मामले में आरोपी आशिक खान को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की सश्रम सजा सुनायी। साथ ही इसे 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से दो साल की कैद की सजा काटनी होगी। जुर्माना की राशि पीड़िता को देय होगी।

 

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दरअसल सारठ थाना के केचुआबांक गांव का रहने शख्स के खिलाफ 15 मार्च 2024 को सारठ थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से 10 लोगों ने घटना के समर्थन में गवाही दी व दोष सिद्ध करने में कामयाब रहा। अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक अजय कुमार साह और बचाव पक्ष से अधिवक्ता रेणु कुमारी ने पक्ष रखा।

 

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दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद नामजद को पॉक्सो एक्ट की धारा-छह में दोषी पाकर उपरोक्त सजा सुनायी गयी व जुर्माना लगाया गया। इस मामले में महज 18 माह के अंदर फैसला आया व पीड़िता को न्याय मिला। आरोप हैक गांव की रहने वाली नाबालिग लड़की को आशिक खान जबरन गलत निगाहों से देखता था और शादी करने का दबाव देता था।

 

राजी नहीं होने पर जान से मारने का भय दिखाया व साजिश के तहत मधुपुर स्टेशन ले गया। फिर मधुपुर से दिल्ली ले गया, जहां पर तीन चार दिन तक रखा व दुष्कर्म किया। विरोध करने पर शादी का आश्वासन दिया व दिल्ली कोर्ट ले गया. कोर्ट में अधिवक्ता से संपर्क किया तो लड़की की उम्र 17 साल रहने के चलते शादी का दस्तावेज बनाने से इनकार कर दिया।

 

बाद में आरोपित ने एक दस्तावेज इस आशय का बनाया कि वह अपनी मर्जी से दिल्ली आयी है, आरोपित ने उसका अपहरण नहीं किया है। इस पर पीड़िता का हस्ताक्षर भी करा लिया. इसी बीच सारठ थाना की पुलिस ने आरोपित के माता, पिता व भाई को थाना लाया था और पूछताछ की। अंतत: आरोपित ने दिल्ली से लाकर मधुपुर स्टेशन में लड़की को छोड़ दिया। अदालत में पुलिस ने इसके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया, पश्चात केस का स्पीडी ट्रायल हुआ और उपरोक्त फैसला सुनाया गया।

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