मौसम का तांडव! रातभर चीखता रहा आसमान, 9 लोगों की मौत और 200 से ज्यादा पेड़ धराशायी
तेज आंधी-बारिश ने मचाई तबाही, पटना की सड़कें बनीं जाल, बिजली गुल और लोगों में दहशत का माहौल

बिहार में मौसम ने ऐसा खौफनाक रूप दिखाया कि कुछ ही घंटों में पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने राज्यभर में भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग जिलों से अब तक 9 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि सैकड़ों पेड़ उखड़ने, मकान क्षतिग्रस्त होने और बिजली व्यवस्था ठप होने से लोग दहशत में हैं।
राजधानी पटना में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे। तेज हवाओं की रफ्तार इतनी भयानक थी कि 200 से ज्यादा पेड़ सड़कों पर गिर पड़े। कई जगहों पर वाहन पेड़ों के नीचे दब गए और मुख्य सड़कें घंटों तक बंद रहीं। देखते ही देखते शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
आंधी के दौरान कई इलाकों में बिजली के खंभे टूट गए, जिससे बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया। लोगों को रातभर बिना बिजली के गुजारनी पड़ी। कई जगहों पर ट्रैफिक जाम इतना भयावह था कि लोग घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे।
मौसम के इस कहर ने कई परिवारों को मातम में डुबो दिया। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पेड़ गिरने, दीवार ढहने और मकान टूटने जैसी घटनाओं में 9 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए बिहार के 20 जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। लोगों को घरों से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई है। खासकर खुले मैदानों, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है क्योंकि अगले कुछ घंटों में मौसम और ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक बताई जा रही है। कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में दिक्कत आ रही है। बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित होने से लोग परेशान हैं।
राज्य सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। NDRF और SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना, बिजली बहाल करना और सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाना है।
फिलहाल बिहार में मौसम का यह रौद्र रूप लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है और हर किसी की नजर अब अगले कुछ घंटों पर टिकी हुई है।












