ममता सरकार के फैसलों पर चला बुलडोजर! CM शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट में 6 बड़े फैसलों से बंगाल में मची हलचल
आयुष्मान भारत से लेकर BSF बाड़बंदी तक… पहली ही बैठक में शुभेंदु सरकार ने दिए ऐसे आदेश, जिसने बंगाल की राजनीति का रुख बदलने के संकेत दे दिए

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को नबन्ना में हुई उनकी पहली कैबिनेट बैठक में ऐसे बड़े फैसले लिए गए, जिन्होंने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल पैदा कर दी है।
पहली ही कैबिनेट में शुभेंदु सरकार ने कुल 6 अहम एजेंडों को मंजूरी दी, जिनमें केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करना, BSF को सीमा बाड़बंदी के लिए जमीन देना और सरकारी नौकरियों में आयु सीमा बढ़ाना जैसे फैसले शामिल हैं।
45 दिनों में BSF को मिलेगी जमीन
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने ऐलान किया कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए BSF को बाड़बंदी हेतु जमीन 45 दिनों के भीतर सौंप दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया की शुरुआत तत्काल प्रभाव से कर दी गई है।
बंगाल में लागू होगी आयुष्मान भारत योजना
नई सरकार ने केंद्र की महत्वाकांक्षी Ayushman Bharat योजना को पूरे राज्य में लागू करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला जैसी कई केंद्रीय योजनाओं को भी बंगाल में लागू करने का फैसला लिया गया।
सरकारी नौकरियों में 5 साल की राहत
युवाओं को राहत देते हुए सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी करने का भी फैसला लिया गया है।
बंगाल में शुरू होगी जनगणना
कैबिनेट ने राज्य में जनगणना प्रक्रिया शुरू करने पर भी मुहर लगा दी। इसके अलावा शहीदों के परिवारों की जिम्मेदारी उठाने और महिलाओं से जुड़े कई योजनात्मक फैसलों पर भी चर्चा हुई।
“डबल इंजन सरकार” का दिखा असर
मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi का “सबका साथ, सबका विकास” विजन ही उनकी सरकार का गाइडिंग प्रिंसिपल होगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार “गुड गवर्नेंस और सिक्योरिटी” देने के लिए प्रतिबद्ध है।
ममता सरकार के कई फैसले पलटे
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि नई सरकार ने पहली ही बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की कई नीतियों को पलटने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शुभेंदु सरकार के ये शुरुआती फैसले आने वाले समय में बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं।
timse of india
The Economic times












