फर्जी ITC केस में ED का बड़ा एक्शन! 9 ठिकानों पर छापे, अब तक 3.6 करोड़ रुपये कैश बरामद
मुजफ्फरनगर से गाजियाबाद और फरीदाबाद तक छापेमारी, डिजिटल उपकरण और दस्तावेज भी जब्त; फर्जी चालान से करोड़ों का खेल सामने आया

नई दिल्ली, 25 अगस्त। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार जारी है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में 9 ठिकानों पर सोमवार से चल रही छापेमारी में अब तक 3.6 करोड़ रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं।
ED ने मंगलवार को बताया कि तलाशी अभियान के बाद सभी संबंधित परिसरों को सील कर दिया गया है। बरामद नकदी के साथ जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
पहले मिले थे 1.1 करोड़ रुपये से ज्यादा
ED के मुताबिक, सोमवार शाम तक मुजफ्फरनगर के न्यू राणा हाउस और गाजियाबाद के सुधा स्टील से 1.1 करोड़ रुपये से अधिक नकदी बरामद हुई थी।
इसके अलावा तलाशी के दौरान कई डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और रजिस्टर भी जब्त किए गए। आगे की कार्रवाई में बरामद नकदी की कुल रकम बढ़कर अब 3.6 करोड़ रुपये हो गई है।
जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड से जुड़ा बताया जा रहा है। कंपनी पर फर्जी ITC बनाने और उसे दूसरी संस्थाओं तक पास करने का आरोप है।
जांच में सामने आया कि कथित तौर पर फर्जी चालान और ई-वे बिल तैयार किए गए और बिना माल की वास्तविक आवाजाही के ITC का निर्माण और पासिंग किया गया।
इस कथित नेटवर्क में सर्कुलर लेनदेन, तेजी से फंड की लेयरिंग और नकद निकासी जैसी गतिविधियां शामिल होने की बात जांच में सामने आई है।
9.63 करोड़ का फर्जी ITC लेने का आरोप
GST अधिकारियों की जांच में 9.63 करोड़ रुपये का फर्जी ITC लेने और 10.28 करोड़ रुपये का ITC पास करने की पुष्टि हुई है। इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
इसी मामले में ED की तलाशी का मुख्य उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित धन का पता लगाना, नेटवर्क से जुड़े अन्य लाभार्थियों की पहचान करना और लेनदेन से संबंधित महत्वपूर्ण सबूत जुटाना है।
आगे और खुलासे की तैयारी
ED ने बताया कि मामले में जांच अभी जारी है। जब्त किए गए दस्तावेजों, रजिस्टर और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
एजेंसी की नजर अब कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लाभार्थियों और फर्जी ITC के पूरे लेनदेन तंत्र पर है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी लोगों या संस्थाओं की भूमिका सामने आने की संभावना है।












