हर जवाब के ₹500! महिला सरकारी वकील का रिश्वत वाला खेल ऐसे आया सामने, ACB ने बिछाया जाल और फिर…
संपत्ति से जुड़े दो मामलों में अनुकूल जवाब दाखिल करने के लिए मांगे थे ₹1,000, दो बार जाल बिछने के बाद भी नहीं लिया पैसा; जांच के बाद ACB ने किया गिरफ्तार

ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले से सरकारी वकील पर रिश्वत मांगने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक 36 वर्षीय महिला सहायक सरकारी अभियोजक को कथित तौर पर रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला अभियोजक ने संपत्ति से जुड़े दो मामलों में अदालत के सामने अनुकूल जवाब दाखिल करने के बदले एक वकील से हर आवेदन के लिए ₹500, यानी कुल ₹1,000 की मांग की थी।
हर आवेदन पर मांगे ₹500
ACB की ओर से मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, आरोपी महिला अभियोजक उल्हासनगर में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष संपत्ति वापस करने से जुड़े दो आवेदनों में मुवक्किलों की ओर से पैरवी कर रही थी।
इन दोनों मामलों में साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों के कारण ‘फ्रीज’ की गई धनराशि को वापस जारी करने का अनुरोध किया गया था। आरोप है कि इन आवेदनों पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए महिला अभियोजक ने संबंधित वकील से प्रत्येक आवेदन के लिए ₹500 की मांग की।
इसके बाद शिकायतकर्ता वकील ने मामले की जानकारी ACB को दी।
ACB ने बिछाया जाल, लेकिन पैसे लेने से बचती रही आरोपी
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की जांच शुरू की। एजेंसी के मुताबिक, 6 अगस्त को अदालत में जांच-पड़ताल की गई। इस दौरान आरोपी महिला ने कथित तौर पर एक स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में कुल ₹1,000 की मांग की और रकम लेने के लिए सहमति जताई।
इसके बाद ACB ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया। लेकिन ऐन मौके पर आरोपी को शिकायतकर्ता और गवाह पर शक हो गया। उसने नकद राशि लेने से इनकार कर दिया और ACB की कार्रवाई उस समय सफल नहीं हो सकी।
दूसरी बार भी बदला मामला, फिर नहीं लिया पैसा
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। दोनों मामलों में 11 अगस्त को अंतिम आदेश आने वाले थे। ऐसे में ACB ने दोबारा जाल बिछाने की कोशिश की। लेकिन इस बार भी आरोपी को पुलिस की मौजूदगी का शक हो गया और उसने रिश्वत की रकम स्वीकार नहीं की।
इसके बाद ACB ने शिकायत से जुड़े तथ्यों और आरोपों की जांच-पड़ताल आगे बढ़ाई।
जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
ACB के मुताबिक, शिकायत की जांच पूरी करने के बाद महिला सरकारी अभियोजक को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले में अब आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ACB की कार्रवाई के बाद सरकारी तंत्र में रिश्वत मांगने के आरोप को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं।












