Nepal Flash Floods: तमिलनाडु के 37 तो बंगाल के 32… नेपाल में बाढ़ के बाद कितने भारतीय लापता? सामने आई पूरी तस्वीर

Nepal Flash Floods: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर आई अचानक फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। इस आपदा में 160 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 1000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पर्यटकों का सबसे ज्यादा पता नहीं चल पाया है। वहीं महाराष्ट्र के कुछ पर्यटकों से संपर्क हो चुका है, जबकि केरल समेत कई राज्यों के पर्यटकों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।
नई दिल्ली। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह अचानक आई फ्लैश फ्लड ने कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। नेपाल में 157 और तिब्बत में 3 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं 1000 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
इस आपदा के बाद नेपाल में घूमने गए भारतीय पर्यटकों और श्रद्धालुओं को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। सामने आई जानकारी के मुताबिक 130 से ज्यादा भारतीय नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े श्रद्धालु और अलग-अलग राज्यों से नेपाल पहुंचे पर्यटक शामिल हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित लोगों में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पर्यटक बताए जा रहे हैं।
तमिलनाडु के 37 पर्यटकों का नहीं मिला सुराग
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, तमिलनाडु से नेपाल गए 57 पर्यटकों में से 37 लोगों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि 20 लोगों से संपर्क स्थापित हो चुका है।
बताया गया है कि यह समूह हिमालय के एक मंदिर की ओर जा रहा था। इसी दौरान अचानक आई बाढ़ के बाद इन लोगों से संपर्क टूट गया।
वहीं कोयंबटूर स्थित ईशा फाउंडेशन से जुड़े लोगों को लेकर भी चिंता सामने आई है। संस्था के अनुसार उसके 77 सदस्य एक इमिग्रेशन सेंटर पर मौजूद थे, जिनका फिलहाल पता नहीं चल पाया है। हालांकि संस्था ने बताया कि उसके 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं।
बंगाल के 32 लोगों का भी संपर्क टूटा
पश्चिम बंगाल से नेपाल गया 32 लोगों का एक ग्रुप भी लापता बताया जा रहा है। यह दल 21 अगस्त को रवाना हुआ था और 22 अगस्त को नेपाल पहुंचा था।
बुधवार सुबह यह समूह रसुवागढ़ी में तिब्बत जाने के लिए इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद था। इसी दौरान अचानक फ्लैश फ्लड आ गई और उसके बाद से ग्रुप के किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया है।
पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय ने प्रभावित लोगों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन भी जारी की है।
महाराष्ट्र के 7 पर्यटक फंसे, 4 से संपर्क
महाराष्ट्र के भी 7 पर्यटकों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। इनमें मुंबई और पुणे के चार लोगों से संपर्क स्थापित हो चुका है, जबकि तीन अन्य लोगों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।
महाराष्ट्र सरकार ने स्थिति पर नजर रखने और प्रभावित लोगों के परिजनों की सहायता के लिए मंत्रालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम बनाया है।
केरल के 36 पर्यटक सुरक्षित
केरल के 36 पर्यटकों का एक दल सुरक्षित बताया गया है। जानकारी के मुताबिक यह दल प्रभावित इलाकों से दूर है और फिलहाल किसी खतरे में नहीं है।
केरल सरकार ने लोगों की सहायता के लिए NORKA-ROOTS के जरिए हेल्पडेस्क भी शुरू किया है।
इन राज्यों ने भी जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नेपाल में भारतीय नागरिकों की स्थिति को देखते हुए कई राज्य सरकारें भी सक्रिय हो गई हैं। सिक्किम, ओडिशा, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ सरकारों ने अपने-अपने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
इन हेल्पलाइन के जरिए नेपाल में फंसे या लापता लोगों के परिजन जानकारी हासिल कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर सहायता मांग सकते हैं।
सबसे ज्यादा चिंता इन भारतीयों को लेकर
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई फ्लैश फ्लड के बाद भारतीय पर्यटकों को लेकर सामने आई जानकारी ने चिंता बढ़ा दी है। खासकर तमिलनाडु के 37 और पश्चिम बंगाल के 32 लोगों से संपर्क नहीं होने के कारण उनके परिवार लगातार जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
भारतीय अधिकारी नेपाल के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं और लापता भारतीय नागरिकों की तलाश तथा सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में राहत एवं बचाव अभियान के आगे बढ़ने के साथ लापता लोगों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।












