…जब शुभम की पत्नी के पैर छुने झुके विधानसभा अध्यक्ष, एशान्या ने पकड़ा हाथ, कहा, पैर मत छुईये….तो भावुक होकर लगाया गले

...When the Speaker of the Assembly bent down to touch the feet of Shubham's wife, Eshanya held his hand and said, don't touch my feet...then she got emotional and hugged him

कानपुर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की शहादत का बदला भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक ले लिया है। “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत की गई एयर स्ट्राइक में आतंकियों के कई ठिकानों को तबाह किया गया और 26 आतंकी मारे गए, जिनमें शुभम की मौत के जिम्मेदार भी शामिल थे।

 

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शहीद शुभम के घर पहुंचे उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने परिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने शहीद की नवविवाहिता पत्नी एशान्या से मिलकर भारतीय सेना की वीरता और प्रतिशोध की जानकारी दी। इस दौरान भावुक माहौल बन गया। जब महाना आशीर्वाद देने के लिए झुके, तो एशान्या ने उन्हें हाथ पकड़कर रोका और कहा, “सर, पैर मत छूइए, सिर पर हाथ रखिए और आशीर्वाद दीजिए।” यह क्षण पूरे घर में भावुकता की लहर ले आया।

 

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एशान्या ने कहा, “आतंकियों ने धर्म पूछकर मेरे सुहाग को छीन लिया था, लेकिन हमारी सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए उनका अंत कर दिया। अब हमारे शुभम की आत्मा को शांति मिलेगी। जिस घड़ी से हम सब इस खबर का इंतज़ार कर रहे थे, आज वही पूरा हुआ। अब कलेजे में सुकून है।”

 

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उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा, “आतंकियों ने मोदी को बताने को कहा था, और मोदी जी ने उनका अंजाम दिखा दिया। जो वादा किया था, वो निभाया गया।”

 

शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने बताया कि मंगलवार देर रात करीब ढाई बजे उन्हें एक फोन कॉल के जरिए ऑपरेशन की जानकारी मिली। उन्होंने पत्नी सीमा और बहू एशान्या को जगाया और कहा, “टीवी देखो, शुभम की शहादत का बदला लिया जा रहा है।” फिर परिवार की पूरी रात टीवी पर देश की सेना के पराक्रम को देखते बीती।

 

परिवार ने भारतीय सेना को धन्यवाद देते हुए कहा कि देश को ऐसे ही दृढ़ नेतृत्व और निडर सपूतों की जरूरत है। एशान्या ने पति की तस्वीर को सीने से लगाकर कहा, “अब मैं सुकून से जी सकती हूं, क्योंकि मेरे शुभम का खून बेकार नहीं गया।”

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