ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक जंग… PM मोदी ने शुरू किया 100 हफ्तों का मिशन, 1 करोड़ युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य
'नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान' का शुभारंभ, 28 हजार से अधिक स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम; 125 से ज्यादा संगठन बने भागीदार

नई दिल्ली। देश को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। इस राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य युवाओं को ड्रग्स और अन्य नशे की लत से दूर रखना है। सरकार ने इस अभियान के माध्यम से 100 सप्ताह तक देशभर में जागरूकता अभियान चलाने और 1 करोड़ से अधिक युवाओं को इससे जोड़ने का लक्ष्य तय किया है।
अभियान की शुरुआत देशभर के 28,000 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित कार्यक्रमों के साथ हुई। इसमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों और हजारों युवाओं ने भाग लेकर नशामुक्त भारत का संकल्प लिया।
युवाओं से की नशे से दूर रहने की अपील
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों को समझाकर एक स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण में भागीदार बनाना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं को यह संकल्प लेना होगा कि वे नशे के खतरे को समझेंगे, दूसरों को भी जागरूक करेंगे और स्वयं इससे पूरी तरह दूर रहेंगे।
काशी से हुई थी शुरुआत
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस अभियान का पायलट प्रोजेक्ट पिछले वर्ष काशी से शुरू किया गया था। उनके अनुसार, इस पहल में वैज्ञानिक सोच के साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को भी जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा सदियों से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों को अस्वीकार करती रही है और यही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है।
125 से अधिक संगठन आए साथ
इस राष्ट्रीय अभियान में 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन, स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन और औद्योगिक संघ शामिल हुए हैं। अभियान में ब्रह्माकुमारीज़, इस्कॉन, चिन्मय मिशन और ऑरोविले जैसे प्रमुख आध्यात्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सभी संगठनों ने मिलकर ‘नशामुक्त भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने का संकल्प लिया है। साथ ही ‘काशी डिक्लेरेशन’ के माध्यम से अभियान को देशभर में प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए विस्तृत रोडमैप भी तैयार किया गया है।
जागरूकता के जरिए नशे के खिलाफ लड़ाई
सरकार का मानना है कि यह अभियान केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी का एक बड़ा आंदोलन बनेगा। आने वाले 100 सप्ताह तक देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों, जागरूकता अभियानों और जनभागीदारी के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे एक स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









