शरीर के अंदर छिपाकर बैंकॉक ले जाए जा रहे थे 5.7 करोड़ के हीरे, मुंबई एयरपोर्ट पर DRI का बड़ा खुलासा
मुंबई एयरपोर्ट पर ‘बॉडी कैप्सूल’ में छिपे थे करोड़ों के हीरे! जांच में खुला ऐसा राज, अधिकारियों के भी उड़ गए होश

मुंबई। देश की आर्थिक सुरक्षा को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज तस्करी का खुलासा मुंबई एयरपोर्ट पर हुआ है। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने दो ऐसे यात्रियों को गिरफ्तार किया है, जो अपने शरीर के अंदर करोड़ों रुपये के हीरे छिपाकर बैंकॉक ले जाने की फिराक में थे। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
DRI को मिली गुप्त सूचना के आधार पर दोनों संदिग्धों को एयरपोर्ट पर रोका गया। शुरुआती पूछताछ में दोनों लगातार अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश करते रहे, लेकिन जब जांच गहराई से हुई तो ऐसा सच सामने आया जिसने सभी को चौंका दिया।
शरीर से निकले हीरों से भरे कैप्सूल
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने अपने शरीर के अंदर विशेष कैप्सूल छिपा रखे हैं। बाद में मेडिकल निगरानी में कैप्सूल बाहर निकाले गए, जिनमें से 1,624 कैरेट के हीरे बरामद हुए। इनमें प्राकृतिक और लैब में तैयार किए गए हीरे शामिल बताए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक जब्त हीरों की कीमत करीब 5.70 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई साधारण तस्करी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा बड़ा सिंडिकेट हो सकता है।
बैंकॉक कनेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका
DRI अधिकारियों ने बताया कि हीरों को अवैध तरीके से विदेश भेजने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाए गए थे। शुरुआती जांच में अंतरराष्ट्रीय धन शोधन और हवाला नेटवर्क से जुड़े तार मिलने की भी आशंका जताई जा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों को कस्टम्स एक्ट 1962 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे लगातार पूछताछ जारी है।
पहले भी पकड़ा गया था 139 करोड़ का खेल
यह पहला मामला नहीं है जब मुंबई में बड़े स्तर पर तस्करी का पर्दाफाश हुआ हो। इससे पहले अप्रैल में DRI ने न्हावा शेवा पोर्ट पर 139 करोड़ रुपये के प्रतिबंधित सामान की तस्करी का खुलासा किया था। उस दौरान 132 कंटेनरों में हजारों मीट्रिक टन सामान को गलत तरीके से ‘तूर दाल’ बताकर आयात किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि कंटेनरों में तरबूज के बीज और हरी मटर भरी हुई थी, जिनके आयात पर सरकार ने सख्त प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इस मामले में भी एक बड़े संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आई थी।
देशभर में फैले नेटवर्क की तलाश
अब एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि आखिर करोड़ों के हीरों की इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह नेटवर्क कई देशों तक फैला हो सकता है। DRI ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।












