Google Maps अब सिर्फ रास्ता नहीं बताएगा, आपके लिए होटल से खाना तक करेगा तय! AI के इन फीचर्स ने मचाई हलचल

नई दिल्ली: अब तक रास्ता दिखाने और ट्रैफिक की जानकारी देने के लिए इस्तेमाल होने वाला Google Maps जल्द ही आपकी रोजमर्रा की जरूरतों का स्मार्ट असिस्टेंट बन सकता है। गूगल ने Maps में AI आधारित कई नए फीचर्स पेश किए हैं, जिनकी मदद से रेस्टोरेंट खोजने, खाना ऑर्डर करने, होटल चुनने और घूमने की प्लानिंग जैसे काम काफी आसान हो जाएंगे।

AI करेगा रेस्टोरेंट से लेकर खाना चुनने का काम

Google Maps के Ask Maps फीचर को और ज्यादा एडवांस किया जा रहा है। अब यूजर सिर्फ यह बता सकेगा कि उसे क्या खाना है। इसके बाद AI एजेंट आसपास के रेस्टोरेंट्स में उपलब्ध विकल्पों को देखकर बेहतर विकल्प सुझाने और चुने गए खाने को कार्ट में जोड़ने में मदद करेगा। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से अंतिम पेमेंट का नियंत्रण यूजर के पास ही रहेगा।

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बजट के हिसाब से मिलेंगे होटल के विकल्प

यात्रा की प्लानिंग करने वालों के लिए भी Google Maps में कई नए विकल्प जोड़े जा रहे हैं। यूजर अपनी पसंद और बजट के आधार पर होटल की जानकारी मांग सकेगा। Maps अलग-अलग उपलब्ध विकल्पों और कीमतों की तुलना कर उपयुक्त होटल खोजने में मदद करेगा।

आसपास के कॉन्सर्ट और इवेंट्स भी बताएगा

अगर आप किसी नए शहर में हैं या अपने आसपास कुछ खास करना चाहते हैं, तो Maps आपको नजदीकी कॉन्सर्ट, कॉमेडी शो और लाइव इवेंट्स की जानकारी भी दे सकता है। खास बात यह है कि कई मामलों में इवेंट के टिकट बुक करने के लिए सीधे लिंक की सुविधा भी मिल सकती है।

Gmail और Calendar से मिलेगी ट्रैवल प्लानिंग में मदद

Google Maps का Personal Intelligence फीचर इसे और ज्यादा व्यक्तिगत बनाने की दिशा में अहम कदम है। यूजर की अनुमति मिलने पर Maps Gmail और Google Calendar में मौजूद जानकारी का इस्तेमाल कर सकेगा।

उदाहरण के लिए, अगर Gmail में किसी कॉन्फ्रेंस का निमंत्रण आया है या Calendar में किसी यात्रा की तारीख दर्ज है, तो Maps उस जानकारी के आधार पर संबंधित जगह के आसपास होटल, रेस्टोरेंट और घूमने की जगहों के सुझाव दे सकता है।

पहले अमेरिका में रोलआउट, फिर दूसरे देशों की बारी

गूगल का लक्ष्य Maps को केवल नेविगेशन ऐप तक सीमित रखने के बजाय रोजमर्रा की जरूरतों के लिए एक AI असिस्टेंट के रूप में विकसित करना है। कंपनी के अनुसार, इन नए फीचर्स का रोलआउट पहले अमेरिका में किया जा रहा है। इसके बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से भारत समेत अन्य देशों में उपलब्ध कराया जा सकता है।

 

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