जल सहिया को समय पर मानदेय मिलेगा… मुख्यमंत्री ने विभागवार की समीक्षा…इन सड़कों का निर्माण कार्य जल्द शुरू करने सहित ये दिये गये अहम निर्देश

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को विभागीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आधा दर्जन विभगों की बैठक ली और आवश्यक निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने इस दौरान पथ निर्माण विभाग विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये।

पथ निर्माण विभाग के अफसरों को निर्देश

● रायपुर -धनबाद कॉरिडोर, वाराणसी -रांची इकोनामिक कॉरिडोर, रांची- पटना इकोनामिक कॉरिडोर, रांची -जमशेदपुर इकोनामिक कॉरिडोर और दिल्ली -कोलकाता नेशनल कॉरिडोर के जमीन अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के संबंधित जिलों को उपायुक्तों को दिया गए निर्देश।

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● पथ निर्माण से जुड़ी सभी परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश।

● राज्य में एनएचएआई की सड़कों पर 18 जगह बाईपास बनाए जाएंगे। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश।

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● सड़क परियोजनाओं को लेकर भूमि अधिग्रहण में 11 सौ करोड़ रुपए का फंड आवंटित है । जिसमें 661करोड़ रुपए अभी भी बचे हैं । जिन रैयतों की जमीन सड़क परियोजनाओं के लिए ली गई है, उनके बीच बची हुई राशि का भुगतान जल्द करने के निर्देश

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महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा दिए गए निर्देश

● किसी घटना विशेष में पीड़ित अथवा पीड़िता का नाम और पहचान सार्वजनिक नहीं हो। इस दिशा में गाइडलाइन बनाने का निर्देश । जो इसका उल्लंघन करें उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।

● सामाजिक सुरक्षा पेंशन धारियों को हर महीने की 5 तारीख तक पेंशन भुगतान करने का निर्देश।

● पेंशन धारियों के सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश।

● सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा बच्चियों को को लाभ देने के लिए पोस्ट पहल करने के निर्देश।

●अगर मीडिया के द्वारा किसी क्षेत्र की किसी समस्या को प्रकाशित अथवा प्रसारित किया जाता है तो उसे तुरंत संज्ञान में लें। पूरे मामले की छानबीन कर समस्या का समाधान तुरंत हो।

● एनीमिया और कुपोषण की आधुनिक तकनीक से जांच कराने की पहल सुनिश्चित करने के निर्देश। इसे ग्राम स्तर पर सुनिश्चित किया जाए।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिए गए निर्देश

● राज्य में जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक 61 लाख घरों में नल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके तहत अब तक 14 लाख घरों में नल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति हो रही है । वहीं 9 लाख घरों में नल का कनेक्शन देने की योजना को स्वीकृति देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

● हर घर जल योजना को ग्राम सभा द्वारा 15 दिनों में सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश।

● जल सहिया को मानदेय देने के लिए जल जीवन मिशन और पंचायती राज व्यवस्था से राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लगभग पूरी । जल सहिया को समय पर मानदेय मिले, इसके लिए सभी डीसी को दिए गए आवश्यक निर्देश।

कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा*

● पीएम किसान निधि योजना के लिए किसानों का अपडेट डाटा 30 सितंबर तक पूरा करने का निर्देश

● किसानों का ई- केवाईसी (बायोमेट्रिक ) करने के लिए सभी संबंधित मशीनरी का इस्तेमाल करने के निर्देश,। ताकि किसानों को मिलने वाली सहायता राशि में रुकावट नहीं हो।

●राज्य में कृषि योग्य लगभग 28 लाख हेक्टेयर भूमि में अब तक 13 लाख हेक्टेयर खेत में फसल कवरेज किया गया है।

● वैसे खेत जिसपर बारिश कम होने की वजह से फसल नहीं लगाया जा सका है, उस पर कृषि से जुड़े वैकल्पिक मैकेनिज्म तैयार करने का निर्देश।

● झारखंड राज्य फसल राहत योजना के तहत अब तक 17 लाख किसानों के आवेदन मिल चुके हैं।

● मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत महिला लाभुकों को अब 70 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा । विशेष परिस्थितियों में विधवा अथवा दिव्यांग महिला लाभुकों को 90 प्रतिशत तक अनुदान दी जाएगी।

●लाभुकों को गायों के साथ अब पशुओं को रखने के लिए शेड भी उपलब्ध कराने के निर्देश।

● मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पशुधन योजना के साथ लाभुकों को वैसे पशु दिए जाएं, जो उनके परंपरा के साथ जुड़े हुए हैं। इस पहल से बेहतर नतीजे सामने आएंगे।

● राज्य के सभी जिलों में विभिन्न क्षमताओं के बन रहे कोल्ड स्टोर का अधिकतम सदुपयोग हो, इसके लिए इसकी पूरी मैपिंग की जाए। अनाज के साथ मौसमी फलों को भंडारण की व्यवस्था होनी चाहिए और इसके जमीन का सीमांकन भी किया जाए।

● पड़ोसी राज्यों के साथ बिज़नेस स्टेट के रूप में जुड़ने के लिए प्रयास किए जाएं।

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