जानिये क्या है फ्राइड राइस सिंड्रोम, खाने के बाद हो गयी 20 साल के युवक की मौत, जानिये कितना है खतरनाक, क्या हैं लक्षण ?

Fried Rice Syndrome : फ्राइड राइस का नाम सुनकर आपको कोई फूड मेनु का अहसास हो रहा है, तो थोड़ा सावधान हो जाईये। फ्राइड राइस सिंड्रोम दरअसल फूड पॉइजनिंग का एक प्रकार है जो बैसिलस सेरेस बैक्टीरिया के कारण होता है। ये बहुत खतरनाक है, जो लोगों की जान भी ले रहा है। कई लोग बासी खाना, बिना सोचे-समझे खा लेते हैं. एक दिन पुराने चावल और कोई सब्ज़ी बच गई तो उसे रख लेते हैं. ये सोचकर कि अगले दिन का लंच इससे ही निपटा देंगे. हम सबके घरों में अक्सर ऐसा ही होता है. पर अगर आप बासी खाना खाते हैं, ख़ासतौर पर चावल तो कुछ चीज़ों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है, नहीं तो जान पर आ सकती है।

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हाल ही में इंटरनेट पर सामने ‘फ्राइड राइस सिंड्रोम’ का फ्राइड राइस से कोई लेना देना नहीं है। कुछ साल पहले एक खबर आई थी कि बासी खाना खाने के बाद लड़के की मौत हो गई थी। वजह थी फ्राइड राइस सिंड्रोम. ये क्या है, इसमें क्या-क्या होता है, ये सारी चीज़ें जानेंगे. आई एक खबर ने सभी को हैरान कर दिया। दरअसल, एक 20 वर्षीय युवक की पांच दिन पुराना पास्ता खाने के बाद मौत हो गई। इस मामले के सामने आने के बाद से ही इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक व्यक्ति की मौत ‘फ्राइड राइस सिंड्रोम’ के कारण हुई, जो बैसिलस सेरेस बैक्टीरिया के कारण होने वाली फूड पॉइजनिंग है।

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फ्राइड राइस सिंड्रोम बीमारी अभी इसलिए चर्चा में है क्योंकि टिकटॉक पर इससे जुड़ा एक पोस्ट शेयर हुआ था. इस पोस्ट में बताया गया था कि बेल्जियम के एक लड़के ने करीब पांच दिन पहले बनी स्पेगेटी को सॉस के साथ खाया था. स्पेगेटी खाने के कुछ देर बाद ही उस लड़के को उल्टियां हुईं, जिसके कुछ देर बाद वो सो गया और नींद में ही उसकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम में ये पता चला कि लड़के की मौत एक्यूट लिवर फेलियर की वजह से हुई है. ऐसा होने की वजह है ‘बैसिलस सिरियस’ (Bacillus cereus) नाम का बैक्टीरिया.

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‘बैसिलस सिरियस’ बहुत ही आम बैक्टीरिया है जो हमारे चारों तरफ मौजूद है. ये अक्सर खाने की चीजों में भी पाया जाता है. जैसे कि अगर खाने की किसी चीज को फ्रिज में न रखकर, बाहर ही छोड़ दिया गया हो, और तीन-चार दिन बाद उस चीज को कोई खाता है तो उसे ये बैक्टीरिया बीमार कर सकता है. यानी ‘फ्राइड राइस सिंड्रोम’ एक तरह की फूड पॉइजनिंग है.

फूड प्लाइजनिंग के अन्य प्रकार की ही तरह, फ्राइड राइस सिंड्रोम के लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:-

• दस्त

• बुखार

• उल्टी करना

• जी मिचलाना

• पेट में तेज दर्द होना, मरोड़ उठना

•

फ्राइड राइस सिंड्रोम से बचाव

• फ्राइड राइस सिंड्रोम से बचाव के लिए आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-

• कच्चे चावल और पास्ता को तब तक ठंडी, सूखी जगह पर रखें जब तक आप इसे पकाने के लिए इस्तेमाल न कर रहे हों।

• खाना बनाने, खाने या छूने से पहले अपने हाथ साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।

• चावल या पास्ता अच्छी तरह पकाने के लिए उबलते पानी या राइस कुकर का इस्तेमाल करें।

• किसी भी पके हुए भोजन को दो घंटे से ज्यादा समय के लिए बाहर न छोड़ें। बचे हुए खाने को कंटेनर में डालकर तुरंत फ्रिज में रख दें।

• बचे हुए खाने को 165 एफ (73.8 सी) तक गर्म करें और खाने को सिर्फ एक बार ही दोबारा गर्म करें।

• अगर खाना पकाए हुए दो दिन से ज्यादा समय हो गया है, तो इसे फेंक दें। भले ही आपने इसे फ्रिज में ठीक से स्टोर किया हो।

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