झारखंड- मौत भी नहीं कर पायी जुदा…मां और बेटी थी एक-दूसरे से लिपटी, निकला कुएं से शव तो रो पड़ा पूरा गांव, बेटी के बर्थडे पर पति-पत्नी में हुई लड़ाई फिर….

Jharkhand - Even death could not separate them... Mother and daughter were clinging to each other, the whole village wept when the bodies were found in the well, the husband and wife fought on the daughter's birthday, then...

देवघर। एक दर्दनाक मंजर को देखकर मौजूद लोगों की आंखें डबडबा गयी। मां-बेटी की एक साथ लिपटकर मौत हो गयी है। अब ये हादसा है या हत्या…पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। पूरा मामला दुमका जिले के पदमपुरा गांव की बतायी जा रही है। जानकारी के मुताबिक 25 वर्षीय महिला गुड़िया देवी और उसकी एक साल की मासूम बच्ची की कुएं में डूबने से मौत हो गयी।

 

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इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। लड़की के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि बेटी को जानबूझकर मारा गया है। बताया जा रहा है कि गांव के एक कुएं से 25 वर्षीय गुड़िया देवी और उसकी महज एक साल की बच्ची के शव बरामद किए गए। जिस मां की गोद बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती है, वही गोद इस मासूम की अंतिम शरणस्थली बन गई।

 

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मां और बेटी की एक साथ मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।शनिवार की सुबह जैसे ही ग्रामीणों को कुएं में महिला और बच्ची के गिरने की सूचना मिली, देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। गांव में सन्नाटा पसर गया, हर आंख नम थी और हर जुबां पर एक ही सवाल—आखिर एक मां को अपनी मासूम बच्ची के साथ मौत को गले लगाने पर किसने मजबूर किया?

 

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काफी मशक्कत के बाद जब दोनों शव कुएं से बाहर निकाले गए, तो वहां मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए। बच्ची मां की छाती से लिपटी हुई थी, मानो अंतिम क्षणों में भी मां का सहारा ढूंढ रही हो।

 

मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए। मृतका के भाई उपेंद्र यादव ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार करते हुए कहा कि यह साजिशन हत्या है। उनका आरोप है कि गुड़िया देवी लंबे समय से घरेलू हिंसा का शिकार थी। पति विष्णु यादव द्वारा मारपीट, पैसों और गाड़ी की मांग को लेकर आए दिन विवाद होता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे बच्ची को जान से मारने तक की धमकियां दी जाती थीं।

 

उपेंद्र यादव ने कहा, “मेरी बहन कमजोर नहीं थी। वह अपनी बच्ची से बेहद प्यार करती थी। वह कभी अपनी बच्ची के साथ जान नहीं दे सकती। यह पूरी तरह से साजिशन हत्या है, जिसमें पति और ससुराल वालों की भूमिका की गहराई से जांच होनी चाहिए।”

 

पुलिस जांच में जुटी, निष्कर्ष से इनकार

मामले की गंभीरता को देखते हुए जसीडीह थाना प्रभारी दीपक कुमार और एसडीपीओ अशोक सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और ग्रामीणों तथा परिजनों से जानकारी ली। पुलिस ने फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है, लेकिन मायके पक्ष के आरोपों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू से जांच करने की बात कही है।

 

बच्ची का जन्मदिन बना विवाद की वजह?

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि 2 जनवरी को बच्ची का जन्मदिन था। इसी को लेकर पति-पत्नी के बीच किसी बात पर विवाद हुआ था। हालांकि पुलिस का कहना है कि केवल इसी आधार पर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पुलिस आसपास के लोगों, ससुराल पक्ष और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है।

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