झारखंड: सदर अस्पताल में महिला की मौत पर मचा बवाल, परिजनों ने किया हंगामा, नर्स पर लगे गंभीर आरोप

Jharkhand: Chaos erupts at Sadar Hospital over woman's death; family members create ruckus, nurse faces serious charges

Jharkhand News : प्रसव के बाद महिला की हुई मौत पर जमकर बवाल मचा। परिजनों ने इस मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पूरा मामला देवघर सदर अस्पताल का है। घटना के बाद परिजन अस्पताल परिसर में हंगामा करते नजर आए और नर्स पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जानकारी के अनुसार, महिला, जो गिधनी पंचायत के कोठिया की रहने वाली थी, शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा के दौरान सदर अस्पताल में भर्ती हुई। उसने अस्पताल में सुरक्षित रूप से एक बच्चे को जन्म दिया। हालांकि बच्चे के जन्म के कुछ ही देर बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ गई। ड्यूटी पर तैनात नर्स ने महिला को एक इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद उसकी तबीयत और अधिक गंभीर हो गई।

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में समय पर पर्याप्त चिकित्सकीय ध्यान नहीं दिया गया। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे एक निजी अस्पताल में रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई।

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

परिजनों का हंगामा और आरोप

महिला की मौत के बाद परिजन शव लेकर सदर अस्पताल लौट आए और जमकर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल में नर्स और डॉक्टर समय पर सही उपचार करते, तो महिला की जान बच सकती थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण यह हादसा हुआ।

 

अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन में अफरातफरी मच गई। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह मामला स्वास्थ्य विभाग के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।

 

स्वास्थ्य विभाग पर सवाल

देवघर के सरकारी और निजी अस्पतालों में लगातार लापरवाही के मामले सामने आते रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कई बार निर्देश जारी किए हैं, लेकिन कर्मियों की मनमानी और उदासीनता रुकने का नाम नहीं ले रही। यह घटना फिर से यह सवाल खड़ा करती है कि क्या विभाग समय रहते कड़े कदम उठाएगा और जिम्मेदारों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेगा।

Related Articles

close