हमारे स्टार कैंपेनर का स्वागत है….कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री ने दिया जीत का क्रेडिट, दोनों बेटे संग पहुंचे हेलीपैड से लाने, उधर कल्पना बोली…

Welcome to our star campaigner... Chief Minister gave credit for victory to Kalpana Soren, both of them arrived with their sons to bring her from the helipad, on the other hand Kalpana said...

Kalpana Soren Win: इस चुनाव ने कल्पना सोरेन की पूरे झारखंड में अलग पहचान बना दी है। जिस तरह से हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद उन्होंने पार्टी संभाली, फिर लोकसभा चुनाव में झामुमो को जीत दिलायी, गांडेय का विधानसभा उपचुनाव जीता और फिर विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक की भूमिका निभायी, वो ये बताने के लिए काफी है कि कल्पना का पॉलटिकल करियर अभी और परवान चढ़ने वाला है। इस चुनाव में प्रचार के दौरान भी कल्पना की डिमांड हेमंत सोरेन से ज्यादा रही।

 

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हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने 100 से ज्यादा चुनावी सभाएं की। एक-एक दिन में कल्पना सोरेन 4 से 5 सभाएं करती थी। झामुमो को मिली जीत में कल्पना एक बूस्टर की तरह थी। खासकर महिलाओं को एकजुट करने में कल्पना को काफी हद तक श्रेय जाता है। खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कल्पना सोरेन के बारे में ये कहते हैं कि वो सिंगल मैन आर्मी थी, जिन्होंने पार्टी को उत्साह से भर दिया।

 

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हेमंत ने पत्नी कल्पना को दिया जीत का क्रेडिट

हेमंत सोरेन ने X पर एक पोस्ट के जिरए झारखंड विधानसभा चुनाव की जीत के लिए पत्नी कल्पना सोरेन को क्रेडिट देते हुए उन्हें पार्टी का स्टार कैंपेनर करार दिया। उन्होंने X पर लिखा, “हमारे स्टार कैंपेनर का स्वागत है।”शनिवार शाम मीडिया से बातचीत में हेमंत सोरेन ने कहा, आज झारखंडविधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं…मैं सभी समुदायों के लोगों और राज्य के सभी किसानों, महिलाओं और युवाओं को बहुमत के साथ वोट देने और इस चुनाव को सफल बनाने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।”

 

झारखंड की जीत पर क्या बोलीं कल्पना सोरेन?

मीडिया से बातचीत में कल्पना सोरेने ने कहा कि ये सरकार अबुआ सरकार है, ये सरकार झारखंड की जनता की सरकार है। जनता ने हेमंत सोरेन पर अपना अटूट विश्वास जताया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिस तरह पहले एक बेटे के रूप में, एक भाई के रूप में झारखंड की सेवा कर रहे थे, अब आने वाले समय में वो उससे भी ज्यादा मेहनत से काम करेंगे।

 

कल्पना को क्यों मिल रहा क्रेडिट

झारखंड में इंडिया गठबंधन की जीत के कई कारक हैं. लेकिन सबसे बड़ा कारण मंइयां सम्मान योजना और कल्पना सोरेन रहीं.प्रदेश की 81 में से 29 विधानसभा सीटों पर महिला वोटर पुरुष से अधिक हैं. इसे देखते हुए ही बीजेपी ने ‘मंइयां सम्मान योजना’ की तर्ज पर गोगी दीदी योजना का वादा किया. लेकिन महिलाओं ने हेमंत सोरेन की ‘मंइयां सम्मान योजना’ पर भरोसा जताते हुए उसे वोट किया.इसका परिणाम यह हुआ कि महिला बहुल 29 सीटों में से 28 पर इंडिया गठबंधन ने बढ़त बनाई। कल्पना सोरेन ने जिस तरह से हेमंत की गिरफ्तारी को मुद्दा बनाया।

 

भाषण में इसे बनाया बड़ा मुद्दा 

उसने जनता में हेमंत के प्रति सहानुभूति पैदा हुई। यह सहानभूति वोटों में भी बदली.कल्पना ने कहा कि हेमंत को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजा गया.उन्होंने जेएमएम को तोड़ने का भी आरोप लगाया.उन्होंने मणिपुर से छत्तीसगढ़ तक आदिवासियों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया। वहीं जेएमएम ने रघुवर दास की सरकार में 2016 में सीएनटी एक्ट की धारा 46 में किए बदलाव को भी मुद्दा बनाया.रघुवर दास ने सीएनटी एक्ट की धारा 46 में बदलाव किया था. इस बदलाव के बाद आदिवासियों की जमीन के नेचर को बदला जा सकता था।

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