झारखंड बना जलखंड! 70% ज्यादा बारिश ने खोले बादलों के सारे बंद दरवाज़े
Jharkhand became a water body! 70% more rain opened all the closed doors of clouds

रांची: झारखंड में इस वर्ष मानसून ने सामान्य आंकड़ों को काफी पीछे छोड़ दिया है। राज्य के पूर्वी सिंहभूम जिले में मात्र 47 दिनों में 1014.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि पूरे मानसून सीजन (1 जून से 30 सितंबर) में झारखंड का औसत वर्षापात 1023 मिमी होता है। इस प्रकार, केवल 47 दिनों में पूर्वी सिंहभूम में सामान्य से 155% अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
इसी तरह, राजधानी रांची में भी इस बार भारी बारिश देखने को मिल रही है। यहां अब तक 823.7 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से 122% अधिक है। पूरे राज्य की बात करें तो अब तक औसतन 611.5 मिमी वर्षा हो चुकी है, जबकि सामान्य वर्षापात 359.8 मिमी है। यानी राज्य में 70% अधिक वर्षा हो चुकी है।
गुरुवार को राज्य के अधिकतर जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। हजारीबाग में सर्वाधिक 25 मिमी, बोकारो में 18 मिमी, जमशेदपुर में 6 मिमी, रांची में 5 मिमी, मेदिनीनगर में 2 मिमी और चाईबासा में 3 मिमी वर्षा हुई।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान:
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में राज्यवासियों को बारिश से राहत मिल सकती है। अगले तीन दिनों तक हल्की या मध्यम दर्जे की बारिश कहीं-कहीं हो सकती है। रांची में बादल छाए रहेंगे और एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। यह स्थिति 23 जुलाई तक बनी रह सकती है।
जिलावार वर्षा स्थिति (1 जून से अब तक):
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पूर्वी सिंहभूम: 1014.5 मिमी (सामान्य: 397.2 मिमी) – 155% अधिक
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रांची: 823.7 मिमी (सामान्य: 371 मिमी) – 122% अधिक
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राज्य औसत: 611.5 मिमी (सामान्य: 359.8 मिमी) – 70% अधिक
वज्रपात से चार की मौत:
राज्य में गुरुवार को वज्रपात की घटनाएं भी जानलेवा साबित हुईं। कोडरमा के चंदवारा में पिपराडीह स्टेशन के पास पवन कुमार (25) की मौत हो गई और उनके पिता गोविंद सराव घायल हो गए। वहीं, सिमडेगा के जलडेगा प्रखंड में सुरेश गौड़ (45) और राजकिशोर गीत (38) की मौत हो गई। चौपारण के जगदीशपुर में बंटी कुमार (17) की जान गई और उनके जीजा प्रकाश भुइयां (30) गंभीर रूप से झुलस गए।












