बड़ी खबर: 1 करोड़ की ईनामी नक्सली सुजाता ने किया सरेंडर, टॉप लीडर किशनजी की थी पत्नी, जानिये क्यों कही जाती थी सबसे खूंखार…..

Naxal News : मार्च 2026 तक नक्सलियों का देश से विनाश अब लगता है होकर ही रहेगा। नक्सलियों को लगातार झटके लग रहे हैं। कहीं टॉप लीडर मारे जा रहे हैं, तो कहीं नक्सली के शीर्ष नेता सरेंडर कर रहे हैं। एक करोड़ की ईनामी देश की सबसे खूंखार महिला नक्सली सुजाता ने सरेंडकर दिया है। बीहड़ों में सुजाता का एकतरफा सिक्का चलता था। इसके नाम का बड़ा खौफ था।

खुद लगातार फायरिंग की महारत रखने वाली सुजाता, हमेशा खतरनाक कमांडों की सिक्युरिटी से घिरी रहती थी। इनके सरेंडर नक्सलियों की महिला विंग की कमर टूट गयी है। जानकारी के मुताबिक सुजाता ने तेलंगाना में सरेंडर किया है। ये आत्मसमर्पण इसलिए मायने रखता है क्योंकि एक दिन पहले छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में एक करोड़ का इनामी नक्सली बालकृष्ण मारा गया था।

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अब शुक्रवार को नक्सली संगठन की सीनियर लीडर और दक्षिण सब ज़ोनल ब्यूरो की इंचार्ज सुजाता ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सुजाता पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। तेलंगाना के डीजीपी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस आत्मसमर्पण की आधिकारिक जानकारी देंगे।

सुजाता की पृष्ठभूमि

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सुजाता लंबे समय से बस्तर और पड़ोसी राज्यों में सक्रिय थी। वह बंगाल में मारे गए टॉप नक्सली कमांडर किशनजी की पत्नी है। सुजाता का नक्सल संगठन में बेहद प्रभावशाली स्थान था और उसे संगठन के विस्तार की जिम्मेदारी दी गई थी। सूत्रों के अनुसार, वह धमतरी-गरियाबंद और नुआपड़ा डिवीजन कमेटी के कामकाज को और मजबूत करने में लगी हुई थी।

हाल की मुठभेड़ के बाद आत्मसमर्पण

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सुजाता का आत्मसमर्पण ऐसे समय हुआ है जब हाल ही में छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस और सुरक्षाबलों के साथ नक्सलियों की बड़ी मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में जवानों ने कम से कम 10 नक्सलियों को मार गिराया था। मारे गए नक्सलियों में केंद्रीय समिति सदस्य (CCM) मोड़ेम बालकृष्ण उर्फ भास्कर भी शामिल था। बालकृष्ण पर संगठन विस्तार की जिम्मेदारी थी और 14 जनवरी को टॉप कमांडर चलपति के मारे जाने के बाद उसे नई जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
इसके अलावा, 25 लाख रुपये का इनामी नक्सली प्रमोद उर्फ पाण्डु भी इस मुठभेड़ में मारा गया था। इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में कुल 241 नक्सली मारे जा चुके हैं।

संगठन के लिए बड़ा झटका

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण नक्सली संगठन के लिए रणनीतिक रूप से बड़ा झटका है। सुजाता जैसी वरिष्ठ और अनुभवी सदस्य के बाहर होने से संगठन का दक्षिण सब ज़ोनल ब्यूरो कमजोर होगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुजाता से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है, जो आगे के अभियानों में मददगार साबित हो सकती हैं।

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