महाराष्ट्र से स्वीडन तक पहुंची सियासत, नीला विखे पाटिल बनीं सांसद; 349 सदस्यों वाली संसद में अब दिखेगा नाम
स्टॉकहोम सिटी से ग्रीन पार्टी के टिकट पर जीतीं 41 वर्षीय नीला, पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की पोती और महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की भतीजी हैं

महाराष्ट्र के अहमदनगर से जुड़ी नीला विखे पाटिल ने स्वीडन की राजनीति में अपनी जगह बना ली है। 41 वर्षीय नीला स्वीडन की 349 सदस्यीय संसद रिक्सडैग के लिए स्टॉकहोम सिटी निर्वाचन क्षेत्र से चुनी गई हैं। वह ग्रीन पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगी। स्वीडिश संसद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नीला विखे पाटिल को ग्रीन पार्टी की सदस्य और सिटी ऑफ स्टॉकहोम निर्वाचन क्षेत्र की सांसद के रूप में दर्ज किया गया है।
महाराष्ट्र के राजनीतिक परिवार से है गहरा रिश्ता
नीला विखे पाटिल का संबंध महाराष्ट्र के चर्चित विखे पाटिल परिवार से है। वह शिक्षाविद अशोक विखे पाटिल की बेटी, पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की पोती और महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की भतीजी हैं।
नीला का जन्म स्वीडन में हुआ था, लेकिन उनके बचपन के शुरुआती वर्ष महाराष्ट्र के अहमदनगर में बीते। बाद में वह स्वीडन लौट गईं, जहां उन्होंने अपनी पढ़ाई और राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाया।
दादा से मिली राजनीति की शुरुआती सीख
सांसद चुने जाने के बाद नीला ने अपने दादा बालासाहेब विखे पाटिल को याद किया। उन्होंने बताया कि जब वह 15 साल की थीं, तब उनके दादा उन्हें बजट पढ़ने के लिए देते थे। नीला ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह अपने दादा को गर्व महसूस करा पाएंगी।
स्वीडिश प्रधानमंत्री कार्यालय में भी कर चुकी हैं काम
राजनीति में आने से पहले नीला स्वीडन के प्रधानमंत्री कार्यालय में राजनीतिक सलाहकार के तौर पर काम कर चुकी हैं। वहां उन्होंने वित्त, टैक्स और आवास जैसे मुद्दों पर काम किया था। वह लंबे समय से ग्रीन पार्टी से जुड़ी रही हैं और स्टॉकहोम की स्थानीय राजनीति में भी सक्रिय रही हैं।
बच्चों और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर फोकस
चुनाव के बाद नीला ने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जो मतदान नहीं कर सकते। उन्होंने बच्चों के कल्याण और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर काम करने की बात भी कही है। स्वीडिश सार्वजनिक प्रसारक SVT के उम्मीदवार प्रोफाइल में भी उन्होंने टिकाऊ भविष्य, जैव विविधता और बच्चों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया था।
अहमदनगर से स्टॉकहोम तक का सफर
नीला विखे पाटिल की कहानी महाराष्ट्र के अहमदनगर से शुरू होकर स्वीडन की राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंची है। अब वह रिक्सडैग में स्टॉकहोम सिटी का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनकी जीत के साथ महाराष्ट्र से जुड़ा विखे पाटिल परिवार स्वीडन की राजनीति में भी चर्चा में आ गया है।












