महाराष्ट्र पुलिस के हत्थे चढ़ी निदा खान…TCS धर्मांतरण मामले में ट्रांजिट रिमांड मिली…जानें कैसे बिछाया था जाल
Nida Khan Nabbed by Maharashtra Police... Granted Transit Remand in TCS Conversion Case... Find Out How the Trap Was Laid

महाराष्ट्र : चर्चित नासिक TCS धर्मांतरण मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। लंबे समय से फरार चल रही निदा की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। आखिरकार संयुक्त कार्रवाई में पुलिस को सफलता मिल गई।
चार दिन से रिश्तेदार के फ्लैट में छिपी थी निदा
पुलिस जांच में सामने आया है कि निदा खान पिछले चार दिनों से छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके स्थित कैसर कॉलोनी के एक फ्लैट में रह रही थी। बताया गया कि वहां वह अपने माता-पिता, भाई और बुआ के साथ ठहरी हुई थी।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तारी से पहले करीब दो दिनों तक फ्लैट पर नजर रखी गई। पूरी गतिविधि पर निगरानी के बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
SIT और क्राइम ब्रांच ने मिलकर की कार्रवाई
निदा खान की गिरफ्तारी नासिक SIT, छत्रपति संभाजीनगर पुलिस कमिश्नरेट और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने की। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के समक्ष पेश किया गया, जहां से पुलिस को ट्रांजिट रिमांड मिल गई।अब आगे की पूछताछ के लिए उसे नासिक ले जाया गया है। पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
अदालत ने खारिज कर दी थी राहत की मांग
जानकारी के मुताबिक निदा खान ने पहले नासिक अदालत में अंतरिम सुरक्षा और अग्रिम जमानत की मांग की थी। उसने अदालत को बताया था कि वह दो महीने की गर्भवती है और गिरफ्तारी से सुरक्षा चाहती है।हालांकि अदालत ने उसकी याचिका स्वीकार नहीं की और राहत देने से इनकार कर दिया था।
महिला कर्मचारियों पर दबाव बनाने के आरोप
नासिक की IT कंपनी से जुड़े इस मामले में निदा खान पर महिला कर्मचारियों का मानसिक और यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन और धार्मिक परंपराएं अपनाने का दबाव बनाया जाता था।पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरे नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था।












