सफर करने से पहले देख लें ट्रेनों का हाल…वेल्लोर-बेंगलुरु जाने वाली गाड़ियां फुल, नई रेगुलर ट्रेन के लिए रेलवे को भेजा गया प्रस्ताव
Check Train Status Before Traveling: Vellore-Bengaluru Trains Fully Booked; Proposal Sent to Railways for a New Regular Train

रांची: झारखंड से दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। बेंगलुरू, चेन्नई, हैदराबाद और वेल्लोर जाने वाली ट्रेनों में इन दिनों भारी भीड़ उमड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि कई ट्रेनों में अगले 25 से 30 दिनों तक लंबी वेटिंग चल रही है और कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है।
रविवार को रांची रेलवे स्टेशन पर धनबाद-एलेप्पी एक्सप्रेस में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। स्लीपर कोच की स्थिति जनरल डिब्बे जैसी नजर आई। ट्रेन में यात्री ठसाठस भरे हुए थे और कई लोगों को खड़े होकर सफर करना पड़ा।
एक सीट पर बैठे तीन-तीन यात्री
भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई यात्री ट्रेन में चढ़ ही नहीं सके। रिजर्वेशन कोच में भी एक सीट पर तीन-तीन लोग बैठे दिखाई दिए। यात्रियों का कहना है कि दक्षिण भारत जाने वाली ट्रेनों में हर दिन धक्का-मुक्की और अव्यवस्था की स्थिति बन रही है।
इलाज, नौकरी और पढ़ाई के कारण बढ़ी भीड़
झारखंड से दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर महीने बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए वेल्लोर स्थित Christian Medical College समेत दक्षिण भारत के बड़े अस्पतालों में जाते हैं।
इसके अलावा हजारों छात्र बेंगलुरू, चेन्नई और हैदराबाद में पढ़ाई कर रहे हैं। निजी कंपनियों में नौकरी और रोजगार की तलाश में भी बड़ी संख्या में लोग दक्षिण भारत का रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि इस रूट पर ट्रेनों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
इन ट्रेनों में लंबी वेटिंग ने बढ़ाई परेशानी
- धनबाद-एलेप्पी एक्सप्रेस में चेन्नई के लिए फर्स्ट और सेकेंड एसी में 1 जून तक सीटें फुल
- हटिया-बेंगलुरू वीकली एक्सप्रेस में वेल्लोर के लिए 11 जुलाई तक थर्ड एसी में लंबी वेटिंग
- धरती आबा एक्सप्रेस में 6 जुलाई तक प्रतीक्षा सूची
- हटिया-बेंगलुरू एक्सप्रेस की सभी श्रेणियों में भारी वेटिंग
यात्रियों का कहना है कि टिकट होने के बावजूद ट्रेन में चढ़ना तक मुश्किल हो रहा है।
नई ट्रेन और अतिरिक्त फेरे की मांग तेज
Jharkhand Passengers Association ने रांची से दक्षिण भारत के लिए नई ट्रेन शुरू करने और मौजूदा ट्रेनों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाने की मांग की है।
एसोसिएशन के प्रदेश सचिव प्रेम कटारूका ने कहा कि दक्षिण भारत रूट पर ट्रेनों की संख्या बेहद कम है। जो ट्रेनें चल रही हैं, उनमें यात्रियों की संख्या क्षमता से कई गुना ज्यादा हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र भेजा गया है और सांसदों से भी हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।
रेलवे बोर्ड को भेजा गया प्रस्ताव
जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने कहा कि हर महीने हजारों लोग रांची और झारखंड के अन्य जिलों से दक्षिण भारत जाते हैं। ऐसे में रांची से एक अतिरिक्त डेली ट्रेन शुरू करना जरूरी हो गया है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नई ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द फैसला लिया जा सकता है।












