भारत आने से पहले चीन पहुंचेंगी ब्रिटेन की विदेश मंत्री, दिल्ली में होने वाली बैठक पर टिकी दुनिया की नजर

यूक्रेन युद्ध से लेकर होर्मुज संकट तक, कई वैश्विक मुद्दों पर भारत-ब्रिटेन के बीच होगी अहम चर्चा

नई दिल्ली। वैश्विक तनाव और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर इस सप्ताह भारत दौरे पर आने वाली हैं। इससे पहले वह सोमवार को चीन का दौरा करेंगी। उनके इस दो देशों के दौरे को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें दुनिया के सामने खड़ी कई बड़ी चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है।

ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) के अनुसार, चीन और भारत के साथ होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, रूस-यूक्रेन युद्ध और अफ्रीका में इबोला के बढ़ते प्रकोप जैसे गंभीर वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। ऐसे समय में जब दुनिया कई मोर्चों पर अस्थिरता का सामना कर रही है, यह दौरा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

भारत दौरे के दौरान यवेट कूपर गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक साझेदारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा कूपर व्यापार और शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगी।

उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और ब्रिटेन के संबंध नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। पिछले वर्ष जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते को दोनों देशों के लिए एक महत्वाकांक्षी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कदम बताया गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में होने वाली यह बैठक केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के कई अहम मुद्दों पर भी नई रणनीति तय कर सकती है। ऐसे में दुनिया की नजर इस हाई-प्रोफाइल कूटनीतिक मुलाकात पर टिकी हुई है।

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