Low Back Pain WHO Report: युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा कमर दर्द, सिर्फ बढ़ती उम्र नहीं, युवाओं के लिए भी बड़ा खतरा बन रहा कमर दर्द; WHO ने दी गंभीर चेतावनी

WHO के अनुसार 2050 तक दुनिया में 84 करोड़ से अधिक लोग कमर दर्द से प्रभावित हो सकते हैं। जानिए लो बैक पेन के कारण, लक्षण, बचाव के उपाय और कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

Low Back Pain WHO: आजकल कमर दर्द की समस्या आम हो गयी है। अगर किसी को कमर दर्द होता है तो अक्सर इसे बढ़ती उम्र का असर मान लिया जाता है। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नई रिपोर्ट बताती है कि लो बैक पेन (Low Back Pain) अब केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं रह गई है। खराब लाइफस्टाइल, लंबे समय तक बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण यह समस्या युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है।

WHO के अनुसार, यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो साल 2050 तक दुनिया में कमर दर्द के मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 843 मिलियन (84.3 करोड़) हो सकती है। यही नहीं, कमर दर्द वैश्विक स्तर पर काम करने में असमर्थता (Disability) का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है।

दुनिया में कितनी गंभीर है समस्या?

हेल्थ रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में दुनिया भर में करीब 619 मिलियन (61.9 करोड़) लोग कमर दर्द से प्रभावित हैं। सबसे अधिक मामले 50 से 55 वर्ष की उम्र में देखने को मिलते हैं, जो किसी भी व्यक्ति के करियर और कार्यक्षमता का महत्वपूर्ण दौर होता है। महिलाओं में यह समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक देखी जाती है।विशेषज्ञों का अनुमान है कि बदलती जीवनशैली और बढ़ती निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle) के कारण आने वाले वर्षों में यह संख्या लगातार बढ़ेगी।

90% मामलों में कारण स्पष्ट नहीं होता

WHO और विशेषज्ञों के अनुसार, करीब 90% मामलों में कमर दर्द का कोई एक निश्चित चिकित्सीय कारण नहीं मिलता। इसे नॉन-स्पेसिफिक लो बैक पेन कहा जाता है।
यह दर्द अक्सर इन कारणों से जुड़ा हो सकता है:
• लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना
• गलत तरीके से बैठना या खड़े होना
• मांसपेशियों में खिंचाव
• शारीरिक गतिविधियों की कमी
• गलत तरीके से वजन उठाना
वहीं, लगभग 10% मामलों में स्लिप डिस्क, रीढ़ की हड्डी की बीमारी, संक्रमण, फ्रैक्चर या कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं इसके पीछे हो सकती हैं।

कमर दर्द से बचने के लिए WHO की सलाह

विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश मामलों में दवाओं की बजाय स्वस्थ जीवनशैली और नियमित व्यायाम अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।
बचाव के आसान उपाय
• नियमित रूप से शारीरिक रूप से सक्रिय रहें।
• रोजाना हल्की एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग और योग करें।
• लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें।
• बैठने और काम करने की सही मुद्रा (Posture) अपनाएं।
• शरीर का वजन नियंत्रित रखें।
• मानसिक तनाव कम करने का प्रयास करें।
• जरूरत पड़ने पर फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर की सलाह लें।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?

यदि कमर दर्द के साथ निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें:
• दर्द कई सप्ताह तक लगातार बना रहे।
• पैरों में सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो।
• पेशाब या मल पर नियंत्रण में परेशानी हो।
• बुखार, अचानक वजन घटना या गंभीर चोट के बाद दर्द शुरू हो।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह किसी चिकित्सक की सलाह का विकल्प नहीं है। कमर दर्द या किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

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