JPSC परीक्षा में बड़ा खेल? बिना टेंडर मिली एजेंसी, OMR से इंटरव्यू तक हेराफेरी के आरोपों से मचा हड़कंप…झारखंड हाईकोर्ट में CID ने खोले कई चौंकाने वाले राज
जांच में परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसियों के बीच कथित सिंडिकेट और साल्वर गैंग का भी जिक्र

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की परीक्षा को लेकर जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। झारखंड CID ने हाईकोर्ट में बताया है कि JPSC परीक्षा संचालन का महत्वपूर्ण काम एक निजी एजेंसी को बिना टेंडर के मनोनयन के आधार पर सौंपा गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, इसी दौरान OMR शीट से लेकर इंटरव्यू तक में कथित गड़बड़ी के मामले सामने आए।
CID ने अदालत को बताया कि 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा केंद्रों का संचालन ITI लिमिटेड ने किया था। लेकिन मुख्य परीक्षा के बाद डेटा प्रोसेसिंग, मेरिट लिस्ट तैयार करने, इंटरव्यू कराने और अंतिम परिणाम जारी करने की प्रक्रिया के लिए एजेंसी बदल दी गई।
बिना टेंडर बदल दी गई एजेंसी
CID के अनुसार, JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने नियमों को दरकिनार करते हुए TSR Data Processing Private Limited यानी TDPL को मनोनयन के आधार पर परीक्षा से जुड़ा काम सौंपा था।
जांच में एजेंसी को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आने की बात कही गई है। CID के मुताबिक, TDPL के निदेशक सत्यपाल सिंह और रामबीर सिंह को उत्तर प्रदेश में लोक सेवा परीक्षा घोटाले से जुड़े एक मामले में यूपी STF ने पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
परीक्षा संचालन में कई एजेंसियों की भूमिका
CID ने हाईकोर्ट को बताया कि JPSC की परीक्षाओं के संचालन में मुख्य रूप से Binsys Technology, ICN India, ITI Limited और TDPL जैसी एजेंसियां शामिल थीं। जांच एजेंसी ने इनके बीच कथित सिंडिकेट होने की बात भी अदालत के सामने रखी।
CID के मुताबिक, अनियमितताओं और लापरवाही के आरोपों के चलते झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC ने भी वर्ष 2025 में TDPL को अपने पैनल से बाहर कर दिया था।
OMR शीट से ऑन-स्क्रीन मार्किंग तक में कथित छेड़छाड़
जांच एजेंसी के अनुसार, TDPL के संचालन के दौरान परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं बढ़ीं। CID ने OMR शीट में हेराफेरी और ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से छेड़छाड़ के आरोपों का भी उल्लेख किया है।
जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया कि इसी अवधि में साल्वर गैंग सक्रिय था। CID के मुताबिक, पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि सेटिंग वाले अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं में हेराफेरी की गई थी।
लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू पर भी उठे सवाल
मामला केवल लिखित परीक्षा तक सीमित नहीं रहने का आरोप है। CID ने अदालत को बताया कि लिखित परीक्षा के बाद होने वाले साक्षात्कार की प्रक्रिया में भी कथित तौर पर गड़बड़ी की गई।
अब हाईकोर्ट के सामने CID की ओर से रखी गई इन जानकारियों के बाद JPSC परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया जांच के दायरे में आ गई है। मामले में सामने आए आरोपों और जांच के निष्कर्षों पर अदालत की आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।












