Jharkhand Cabinet Meeting : पारा शिक्षकों के मुद्दे पर कैबिनेट में हो सकता है फैसला ! आज हेमंत कैबिनेट की अहम बैठक अब से कुछ देर बाद, 15 से ज्यादा प्रस्तावों पर लगेगी मुहर..
Jharkhand Cabinet Meeting: A decision regarding the issue of para-teachers could be taken in the cabinet meeting. A crucial meeting of the Hemant Cabinet is scheduled to begin shortly, where over 15 proposals are set to be approved.

Jharkhand Cabinet Meeting। झारखंड कैबिनेट की बैठक अब से कुछ देर बाद शुरू होगी। कई मायनों में ये बैठक काफी अहम मानी जा रही है। इस बैठक पर पारा शिक्षकों की भी नजर होगी। दरअसल कल ही हाईकोर्ट ने पारा शिक्षकों के लिए पेंशन नीति तैयार करने का निर्देश दिया है। संविदा अवधि को भी नियमितिकरण के कार्यकाल में जोड़कर दो महीने के भीतर शिक्षको के पेंशन निर्धारित करने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया है। ऐसे में आज बैठक में पारा शिक्षकों के मुद्दे पर भी प्रारंभिक चर्चा हो सकती है।
पारा शिक्षकों के मुद्दे पर रहेगी खास नजर
झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पारा शिक्षकों के लिए दो महीने के भीतर पेंशन नीति तैयार की जाए। अदालत ने यह भी कहा है कि शिक्षकों की संविदा अवधि को नियमित सेवा अवधि में जोड़कर पेंशन निर्धारित की जाए।
ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि आज की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर प्रारंभिक स्तर पर विचार-विमर्श हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में नई औद्योगिक नीति, टेक्सटाइल नीति और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) नीति के मसौदे समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसला लिया जा सकता है। सरकार का फोकस इस बार संताल परगना क्षेत्र को औद्योगिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर है।
संताल परगना को मिलेगा औद्योगिक विकास का नया अवसर
नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक औद्योगिक गतिविधियों से अपेक्षाकृत दूर रहे संताल परगना को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार की योजना इस क्षेत्र को सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग की बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ दिलाकर निवेश का नया केंद्र बनाने की है।सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पूर्वी भारत में औद्योगिक विकास का नया हब विकसित किया जा सकेगा।
नई औद्योगिक और टेक्सटाइल नीति पर हो सकता है फैसला
उद्योग विभाग द्वारा तैयार नई औद्योगिक नीति और टेक्सटाइल नीति के ड्राफ्ट को कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है। प्रस्तावित नीति में संताल परगना में उद्योग लगाने वाले निवेशकों को विशेष प्रोत्साहन, वित्तीय रियायतें और अन्य सुविधाएं देने का प्रावधान किया गया है।सरकार का उद्देश्य इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित कर औद्योगिक गतिविधियों को तेज करना है।
निवेशक सम्मेलन से पहले नीति को मिलेगी मंजूरी
राज्य सरकार नई दिल्ली में प्रस्तावित निवेशक सम्मेलन (रोड शो) से पहले नई औद्योगिक नीति के मसौदे को मंजूरी दिलाना चाहती है। जानकारी के अनुसार, 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में निवेशकों के साथ रोड शो आयोजित करने की तैयारी है।इस कार्यक्रम में उन कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने झारखंड में निवेश करने में रुचि दिखाई है। सरकार निवेशकों से सुझाव लेने के बाद आवश्यक संशोधन भी कर सकती है।
एआई नीति का ड्राफ्ट भी होगा पेश
कैबिनेट बैठक में झारखंड की नई एआई (Artificial Intelligence) नीति के मसौदे पर भी चर्चा होने की संभावना है। सरकार इस नीति के माध्यम से तकनीकी निवेश, डिजिटल नवाचार और आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नई दिल्ली में इन प्रमुख नीतियों के ड्राफ्ट का औपचारिक प्रस्तुतीकरण भी कर सकते हैं।









