15 अगस्त से पहले सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा वार! 14 राज्यों में 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां, ऐसे ध्वस्त हुआ शहजाद भट्टी नेटवर्क
Terror Network Crackdown: गृह मंत्री अमित शाह का दावा- ISI समर्थित नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, IED-ग्रेनेड समेत हथियार बरामद

नई दिल्ली, 17 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले देश की सुरक्षा एजेंसियों ने कथित तौर पर एक बड़े आतंकी नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक, शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के खिलाफ 14 राज्यों में समन्वित अभियान चलाया गया, जिसमें 200 से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और 80 से अधिक FIR दर्ज की गईं।
गृह मंत्रालय के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान IED, ग्रेनेड, पिस्तौल, कारतूस और CCTV कैमरे समेत कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। सरकार ने इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा बताया है।
14 राज्यों में एक साथ चला ऑपरेशन
अमित शाह ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कार्रवाई की जानकारी दी। उनके मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने देश के 14 राज्यों में अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की।
इस अभियान में नेटवर्क से जुड़े 200 से ज्यादा कथित ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया गया। गृह मंत्रालय के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान राज्य पुलिस बलों के साथ रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा कर ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
हमलों की कथित साजिशों को नाकाम करने का दावा
गृह मंत्री ने दावा किया कि ISI समर्थित बताए जा रहे इस नेटवर्क के जरिए भारत में हमले कराने की कथित योजनाओं को सुरक्षा एजेंसियों ने विफल किया।
सरकार के अनुसार, नेटवर्क पर ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमलों तथा टारगेटेड किलिंग जैसी गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप हैं।
बरामद ग्रेनेड पर मिली पाकिस्तान की मार्किंग
अमित शाह के मुताबिक, तलाशी और कार्रवाई के दौरान बरामद किए गए कुछ ग्रेनेड पर पाकिस्तान आयुध कारखाना से संबंधित मार्किंग भी मिली है।
सरकार का कहना है कि अलग-अलग राज्यों में एक साथ की गई इस कार्रवाई से कथित नेटवर्क की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है।
80 से ज्यादा FIR, 200 से अधिक गिरफ्तारियां
गृह मंत्रालय के मुताबिक, शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ अब तक 80 से अधिक FIR दर्ज की गई हैं और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं।
मंत्रालय ने इसे सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई बड़ी कार्रवाई बताया है।
रियल-टाइम इंटेलिजेंस से हुई कार्रवाई
गृह मंत्रालय के अनुसार, इस पूरे अभियान में राज्य पुलिस बलों के साथ रियल-टाइम इंटेलिजेंस-शेयरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। अलग-अलग एजेंसियों और राज्यों के बीच सूचनाओं के समन्वय के जरिए संदिग्ध ठिकानों पर कार्रवाई की गई।
स्वतंत्रता दिवस से पहले क्यों अहम थी कार्रवाई?
15 अगस्त से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एजेंसियां पहले से ही सतर्क रहती हैं। ऐसे में 14 राज्यों में एक साथ की गई इस कार्रवाई को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य कथित आतंकी नेटवर्क की गतिविधियों को रोकना और संभावित हमलों की योजनाओं को नाकाम करना था। मामले में जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।












