BREAKING: ₹1,816 करोड़ के EPFO नुकसान मामले में अनिल अंबानी पर CBI का शिकंजा! FIR दर्ज होते ही मचा हड़कंप
रिलायंस कैपिटल में EPFO के ₹2,500 करोड़ निवेश पर उठे सवाल, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप; अनिल अंबानी ने दी सफाई

नई दिल्ली। उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (RCL) और उसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि कंपनी के कारण EPFO को 1,816.22 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
सीबीआई की यह कार्रवाई केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की 31 जुलाई को भेजी गई शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और EPFO को गलत तरीके से भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
₹2,500 करोड़ के निवेश पर उठे सवाल
एफआईआर के अनुसार, 2013 और 2014 के दौरान रिलायंस कैपिटल लिमिटेड ने सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) जारी किए थे। इन्हीं डिबेंचरों में EPFO ने अपने सदस्यों की जमा पूंजी में से 2,500 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस निवेश के चलते रिलायंस कैपिटल को 1,007.55 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ मिला, जबकि 808.67 करोड़ रुपये की ब्याज देनदारी भी उत्पन्न हुई। इस प्रकार EPFO को कुल 1,816.22 करोड़ रुपये का नुकसान होने का दावा किया गया है।
मंत्रालय की मंजूरी के बाद दर्ज हुई शिकायत
शिकायत में कहा गया है कि EPFO की ओर से सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति मिलने के बाद मामला दर्ज कराया गया। इसके बाद सीबीआई ने रिलायंस कैपिटल और अनिल अंबानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अनिल अंबानी की ओर से आया जवाब
वहीं, इस पूरे मामले पर अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने सभी आरोपों को खारिज किया है। जारी बयान में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या अनियमितता से इनकार करते हुए कहा गया है कि लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।
जांच पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल सीबीआई मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, अनिल अंबानी की ओर से सभी आरोपों का खंडन किए जाने के कारण अब पूरे मामले पर सभी की नजरें जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।









