JPSC छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार ने फिर बढ़ाया बातचीत का हाथ, लेकिन इस बार सामने रखी गई बड़ी शर्त!
24वें दिन भी जारी प्रदर्शन के बीच सरकार ने छात्रों को बातचीत के लिए बुलाया, आंदोलनकारी बोले- मांगों पर समझौता नहीं होगा

Ranchi News: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के 24वें दिन सोमवार, 17 अगस्त को सरकार ने एक बार फिर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। यह फैसला जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित प्रदर्शन स्थल पर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और अपर जिला मजिस्ट्रेट (कानून-व्यवस्था) की छात्रों के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया।
सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब बड़ी संख्या में छात्र लगातार धरना दे रहे हैं और कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई और स्पष्ट आश्वासन मिलना जरूरी है।
देवेंद्र नाथ महतो बोले- उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी सरकार तो जारी रहेगा संघर्ष
अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार को बातचीत के जरिए छात्रों को संतुष्ट करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी शिक्षा और भर्ती व्यवस्था बननी चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी को पेपर लीक, धांधली और पैरवी जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
देवेंद्र नाथ महतो ने CBI जांच की मांग पर भी जोर देते हुए कहा कि इससे आने वाली पीढ़ी को न्याय मिल सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार छात्रों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती है तो आंदोलन और संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
24 दिन से प्रदर्शन, 4 छात्र भूख हड़ताल पर
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बताया कि छात्र लगातार 24 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार, आंदोलन स्थल पर अभी भी बड़ी संख्या में छात्र डटे हुए हैं। चार छात्र भूख हड़ताल पर हैं, जिनमें से दो की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने कहा कि छात्र पढ़ना चाहते हैं और अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन इतने लंबे समय से प्रदर्शन के बावजूद सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
रवींद्र पासवान ने बताया कि सोमवार को दोपहर 2 बजे सरकार की ओर से वार्ता का संदेश मिला है। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि छात्र वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी मांग है कि बैठक में मुख्यमंत्री भी मौजूद रहें।
‘मांगों को लेकर कोई समझौता नहीं’
रवींद्र पासवान ने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर कोई समझौता करने के लिए तैयार नहीं हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि केवल बातचीत या आश्वासन से मामला खत्म नहीं होगा, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच को लेकर ठोस कदम उठाने होंगे।
तिरंगा यात्रा भी निकाल चुके हैं आंदोलनकारी
JPSC भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान छात्रों ने 22वें दिन जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक तिरंगा यात्रा भी निकाली थी। हाथों में तिरंगा लेकर हजारों अभ्यर्थी और अन्य लोग इस यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाए गए।
वहीं, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र महतो ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उन्हें तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए सदर अस्पताल से बाहर नहीं जाने दिया।
अब नजर सरकार की वार्ता पर
लगातार 24 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के बीच सरकार का बातचीत के लिए छात्रों को दोबारा बुलाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वार्ता में छात्रों की मांगों पर क्या फैसला होता है और क्या सरकार आंदोलन खत्म कराने के लिए कोई ठोस प्रस्ताव देती है। फिलहाल छात्रों ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।












