यूपी उप चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज, बीजेपी की बैठक आज, शाह-योगी समेत ये नेता होंगे शामिल

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। आज नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। बैठक में यूपी बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल भी मौजूद रहेंगे। चर्चा का मुख्य विषय उपचुनाव की रणनीति होगा।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

चुनाव आयोग की तारीखों का इंतजार

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

हालांकि, अभी चुनाव आयोग की ओर से उपचुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है। बीजेपी और समाजवादी पार्टी (सपा) मुख्य रूप से आमने-सामने नजर आ रही हैं, और दोनों दलों के नेताओं की बैठकों का दौर लगातार जारी है।

इन सीटों पर होना है उपचुनाव

बता दें कि प्रदेश की करहल, मिल्कीपुर, कटेहरी, कुंदरकी, गाजियाबाद, खैर, मीरापुर, फूलपुर, मंझवा और सीसामऊ पर उपचुनाव होना है। इन सीटों में 5 समाजवादी पार्टी के पास थी तो RLD-निषाद पार्टी की एक-एक सीटें है, जबकि BJP की 3 सीटें हैं। लेकिन लोकसभा चुनाव में जिस तरह से समाजवादी पार्टी ने BJP को चौंकाया उसे देखते हुए ये उपचुनाव योगी आदित्यनाथ के लिए अग्निपरीक्षा माने जा रहे हैं।

सपा ने घोषित किए प्रत्याशी

समाजवादी पार्टी ने 6 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। करहल विधानसभा सीट से तेज प्रताप यादव को टिकट मिला है, जो अखिलेश यादव के चचेरे भाई हैं। अयोध्या के मिल्कीपुर से अजीत प्रसाद (सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे), कानपुर की सीसामउ से नसीम सोलंकी, प्रयागराज के फूलपुर से मुस्तफा सिद्दकी, मिर्जापुर के मझंवा से डॉ. ज्योति बिंद, और अम्बेडकर नगर की कटेहरी से शोभावती वर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है।

राजनीतिक समीकरण

समाजवादी पार्टी ने अपने छह उम्मीदवारों में से चार को पिछड़े और दलित वर्ग से उतारा है, जबकि दो सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार को मौका दिया गया है। ऐसे में दोनों पार्टियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी, जो आगामी उपचुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Related Articles

close