गणपति बप्पा के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब! लालबागचा राजा से सिद्धिविनायक तक भक्तों की लंबी कतारें, नागपुर में भी दिखा भक्ति का रंग
‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गूंज उठा महाराष्ट्र, 10 दिनों तक चलेगा गणेशोत्सव; कहीं ई-रिक्शा से बुजुर्गों को दर्शन तो कहीं हजारों घरों में विराजेंगे बप्पा

मुंबई। महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी के साथ ही 10 दिवसीय गणेशोत्सव की भव्य शुरुआत हो गई है। सोमवार सुबह से ही प्रदेश के प्रमुख गणेश मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। चारों ओर ‘गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया’ के जयघोष सुनाई दे रहे हैं। मुंबई से लेकर नागपुर और सिंधुदुर्ग तक पूरा महाराष्ट्र भक्तिमय नजर आ रहा है।
लालबागचा राजा के दरबार में उमड़ा जनसैलाब
मुंबई में गणेशोत्सव का उत्साह अपने चरम पर है। गणेश चतुर्थी के सबसे बड़े आकर्षणों में शामिल लालबागचा राजा के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। दूर-दूर से भक्त बप्पा के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं।
वहीं सिद्धिविनायक मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और मुंबई पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। स्वयंसेवक भी लगातार व्यवस्था संभालने में जुटे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
नागपुर के गणेश टेकरी मंदिर में भी भक्तों का तांता
नागपुर में प्रसिद्ध गणेश टेकरी मंदिर में भी गणेश चतुर्थी के मौके पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्त सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना लेकर बप्पा के दरबार में पहुंच रहे हैं।
मंदिर में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक वाहनों की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें मंदिर तक पहुंचने में परेशानी न हो।
मंदिर प्रबंधन की ओर से प्रसाद की भी व्यवस्था की गई है। वहीं बाहर प्रसाद बेचने वाले दुकानदारों के लिए अलग स्थान निर्धारित किया गया है। करीब 12 स्वयंसेवक और सुरक्षा कर्मी लगातार भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर के अंदर पूजा सामग्री लेकर न आएं, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारू रूप से दर्शन कराने में परेशानी न हो।
200 से 300 साल पुराना बताया जाता है मंदिर
गणेश टेकरी मंदिर को भोसले काल से जुड़ा हुआ बताया जाता है और इसकी उम्र करीब 200 से 300 साल मानी जाती है। समय के साथ मंदिर का लगातार विस्तार और विकास हुआ है, जिसके चलते आज यह एक भव्य धार्मिक स्थल के रूप में नजर आता है।
मान्यता है कि यहां कई बड़े अभिनेता और नेता भी दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हर मंगलवार को भी मंदिर में विशेष भीड़ देखने को मिलती है।
सिंधुदुर्ग में करीब 68,800 घरों में विराजेंगे गणपति
महाराष्ट्र के तटीय जिले सिंधुदुर्ग में भी गणेशोत्सव की शुरुआत पारंपरिक उत्साह के साथ हुई है। यहां बड़ी संख्या में परिवारों ने अपने घरों में गणपति की स्थापना की तैयारी की है।
इस बार जिले में करीब 68,800 घरों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना किए जाने की तैयारी है, जबकि 31 स्थानों पर सार्वजनिक रूप से गणेशोत्सव मनाया जाएगा। प्रशासन ने शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
अनंत चतुर्दशी पर होगी बप्पा की विदाई
महाराष्ट्र में अगले 10 दिनों तक गणेशोत्सव की धूम देखने को मिलेगी। घरों से लेकर बड़े-बड़े पंडालों तक हर जगह भक्ति, उत्साह और उमंग का माहौल रहेगा। इसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ उत्सव का समापन होगा।
भक्त बप्पा को विदाई देते हुए एक बार फिर यही प्रार्थना करेंगे—‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।’











