झारखंड : स्वास्थ्य विभाग में हुई भर्ती में बड़ा गोलमाल, एक सर्टिफिकेट पर दो लोग कर रहे नौकरी, राज्यपाल के एक्शन पर मचा हड़कंप

Jharkhand: Big mess in recruitment in health department, two people working on one certificate, uproar over governor's action

Jharkhand News : झारखंड में स्वास्थ्य विभाग में हुई नियुक्ति पर सवाल खड़े हो गये हैं। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) में हुई भर्ती में एक ही नाम और सर्टिफिकेट पर दो अलग-अलग जिलों में नौकरी करने का खुलासा हुआ है। इस मामले में राज्यपाल से हुई शिकायत के बाद जांच शुरू हो गयी है।

 

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आरोप के मुताबिक एक ही सर्टिफिकेट पर दो अलग-अलग व्यक्तियों को एक्स-रे तकनीशियन के पद पर नौकरी कर रहे हैं। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने पलामू उपायुक्त को इसकी जांच करने के निर्देश दिए थे। आरोप के मुताबिक बिहार के नालंदा जिले के गोविंदपुर गांव के सुबोध कुमार चौधरी छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में एक्स-रे तकनीशियन के रूप में कार्यरत हैं।

 

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उसी नाम और पते वाला एक अन्य व्यक्ति चतरा जिले के टंडवा अस्पताल में भी इसी पद पर कार्यरत पाया गया। जांच के दौरान छतरपुर अस्पताल में कार्यरत सुबोध कुमार चौधरी से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2010 में पलामू और चतरा जिले में एक्स-रे तकनीशियन के पद के लिए आवेदन किया था।

 

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पहले उनका चयन चतरा जिले में हुआ, लेकिन उन्हें वहां नियुक्ति पत्र नहीं मिला। इस बीच, पलामू जिले में उनका चयन हो गया और उन्हें नियुक्ति पत्र मिलते ही उन्होंने वहां योगदान दे दिया। हालांकि, उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके नाम और सर्टिफिकेट का उपयोग कर कोई और व्यक्ति टंडवा में नौकरी कर रहा है।

 

जांच के दौरान पाया गया कि छतरपुर अस्पताल में कार्यरत सुबोध का अटेंडेंस उनके आधार कार्ड की आईडी से दर्ज किया जा रहा है, जबकि टंडवा में कार्यरत सुबोध का अटेंडेंस किसी निशांत कुमार के आधार कार्ड की आईडी से दर्ज किया गया। जांच में यह सामने आया कि दोनों सुबोध एक-दूसरे को जानते हैं और संभवतः दोनों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा हुआ है।

 

सिविल सर्जन ने बताया कि अप्रैल माह तक जांच पूरी होने के बाद इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि दोनों की संलिप्तता साबित होती है, तो दोनों की नौकरी समाप्त कर दी जाएगी और गलत तरीके से प्राप्त वेतन की वसूली भी की जाएगी।

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