Bhadhrapad Month 2026: सितंबर महीने में व्रत त्योहारों की भरमार, 2 सितंबर से शुरू जायेगा सिलसिला, जानिए जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी समेत 12 व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट

Bhadhrapad Month 2026: भाद्रपद मास में जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज, राधाष्टमी और अनंत चतुर्दशी समेत 12 प्रमुख व्रत-त्योहार पड़ेंगे। जानें पूरी लिस्ट।

भाद्रपद मास 2026: रक्षाबंधन के बाद से हिंदुओं के व्रत त्योहार शुरू हो जाते हैं। सितंबर माह में 12 से ज्यादा व्रत त्योहार पड़ रहे हैं। हिंदू पंचांग में भाद्रपद मास यानी भादो का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह महीना भगवान श्रीकृष्ण और भगवान गणेश की आराधना के लिए खास माना जाता है।

भाद्रपद मास में जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज, ऋषि पंचमी, राधाष्टमी और अनंत चतुर्दशी जैसे कई प्रमुख व्रत और त्योहार आते हैं।साल 2026 में भाद्रपद मास के दौरान कुल 12 प्रमुख व्रत-त्योहार पड़ रहे हैं। इस दौरान पूजा-पाठ, जप, ध्यान, दान और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन को विशेष महत्व दिया जाता है। हालांकि व्रत और धार्मिक नियमों की तिथियां क्षेत्रीय पंचांग के अनुसार कुछ जगह अलग हो सकती हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

भाद्रपद मास 2026 कब से शुरू हुआ?

हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास 2026 की शुरुआत हो गयी है, जो सितंबर महीने में रहेगा। कई क्षेत्रों में इसे भादो के नाम से भी जाना जाता है। इस महीने में भगवान श्रीकृष्ण और भगवान गणेश से जुड़े प्रमुख पर्व होने के कारण धार्मिक दृष्टि से इसका विशेष महत्व माना जाता है।

भाद्रपद मास 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार

तारीख व्रत/त्योहार
2 सितंबर 2026 हल षष्ठी
4 सितंबर 2026 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
7 सितंबर 2026 अजा एकादशी
11 सितंबर 2026 भाद्रपद अमावस्या
14 सितंबर 2026 हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और गणेशोत्सव का शुभारंभ
15 सितंबर 2026 ऋषि पंचमी व्रत
17 सितंबर 2026 ज्येष्ठा गौरी/गौरी पूजा
19 सितंबर 2026 राधाष्टमी
22 सितंबर 2026 परिवर्तिनी एकादशी व्रत
23 सितंबर 2026 वामन जयंती
25 सितंबर 2026 अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन
26 सितंबर 2026 भाद्रपद पूर्णिमा और पितृ पक्ष का आरंभ

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

भाद्रपद मास में क्यों खास हैं ये पर्व?

भाद्रपद मास में धार्मिक पर्वों का सिलसिला लगातार चलता है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इसके बाद गणेश चतुर्थी पर घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की जाती है।
इसी महीने हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है। इसके बाद ऋषि पंचमी, राधाष्टमी और परिवर्तिनी एकादशी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर आते हैं। महीने के अंतिम चरण में अनंत चतुर्दशी के साथ गणेश उत्सव का समापन होता है और गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।

भाद्रपद मास का धार्मिक महत्व

सनातन परंपरा में भाद्रपद मास को पूजा, साधना और धार्मिक अनुशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु अपनी दिनचर्या में पूजा-पाठ, मंत्र जाप, ध्यान और सेवा जैसे कार्यों को शामिल करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महीने श्रद्धा के साथ किए गए दान-पुण्य और पूजा-अर्चना से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। पवित्र नदियों में स्नान तथा जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और उपयोगी वस्तुओं का दान करने की भी परंपरा रही है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

धार्मिक ग्रंथों का पाठ माना जाता है शुभ

भाद्रपद मास में धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन का भी विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार श्रीमद्भगवद्गीता, रामायण या अन्य धार्मिक ग्रंथों का पाठ कर सकते हैं।
मान्यता है कि धार्मिक साहित्य का अध्ययन मन को स्थिर करने और आत्मचिंतन में मदद करता है। इसके अलावा योग, ध्यान और मंत्र जाप जैसी आध्यात्मिक गतिविधियों को भी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

भाद्रपद मास में क्या करें?

• सुबह जल्दी उठकर स्नान और पूजा करें।
• भगवान का स्मरण और मंत्र जाप करें।
• अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखें।
• जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या उपयोगी वस्तुओं का दान करें।
• धार्मिक ग्रंथों का पाठ और अध्ययन करें।
• योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें।
• सात्विक भोजन और स्वच्छ दिनचर्या अपनाएं।
• किसी भी व्रत या धार्मिक नियम का पालन अपनी स्वास्थ्य स्थिति और पारिवारिक परंपरा के अनुसार करें।
नोट: व्रत-त्योहार की तिथियां अलग-अलग पंचांग और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार बदल सकती हैं। पूजा या व्रत के लिए अपने स्थानीय पंचांग की तिथि और मुहूर्त को प्राथमिकता दें।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close