JSSC-CGL भर्ती फर्जीवाड़े में नया मोड़! अभय तिवारी की पत्नी और भाई की जमानत पर 3 सितंबर को होगा फैसला
दोनों आरोपियों ने 28 अगस्त को दाखिल की थी जमानत याचिका, CID कर चुकी है रिमांड पर पूछताछ; भर्ती फर्जीवाड़े में अभय तिवारी पर परिजनों की नियुक्ति में गड़बड़ी के आरोप

रांची। झारखंड के चर्चित JSSC-CGL भर्ती फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में अब एक बार फिर अदालत में अहम सुनवाई होने जा रही है। आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिका पर 3 सितंबर को CID की विशेष अदालत में सुनवाई होगी। दोनों ने 28 अगस्त को कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी।
3 सितंबर को होगी जमानत याचिका पर सुनवाई
मामले में CID दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। इसके बाद अब दोनों की ओर से कोर्ट में जमानत की मांग की गई है। अदालत में 3 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
बता दें कि 18 अगस्त को CID ने सुषमा कुमारी और अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया था। दोनों पर भर्ती फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में संलिप्तता के आरोप हैं।
कौन है अभय तिवारी?
जांच के मुताबिक, अभय तिवारी गोड्डा जिले में खाद आपूर्ति विभाग में पदस्थापित था। इसके अलावा वह झारखंड में JPSC की परीक्षाएं आयोजित करने वाली एजेंसी TDPL में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर भी रह चुका था।
आरोप है कि TDPL में रहते हुए अभय तिवारी ने JPSC और JSSC की कई परीक्षाएं पास की थीं। जांच में उस पर अपनी पत्नी, भाई और अन्य परिजनों को कथित तौर पर फर्जीवाड़े के जरिए नियुक्ति दिलाने के आरोप सामने आए हैं।
जांच के दायरे में परिवार की नियुक्तियां
JSSC-CGL भर्ती फर्जीवाड़े की जांच आगे बढ़ने के साथ ही अभय तिवारी से जुड़े लोगों की नियुक्तियां भी जांच के दायरे में आई हैं। इसी सिलसिले में उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी की गिरफ्तारी की गई थी।
अब दोनों की जमानत याचिका पर 3 सितंबर को होने वाली सुनवाई यह तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि उन्हें अदालत से राहत मिलती है या फिलहाल हिरासत में ही रहना होगा।












