69 साल का सफर… छोटे से मातृत्व गृह से बना बड़ा अस्पताल, सेवा सदन के स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने बताई इलाज की ‘दूसरी’ जरूरत
नागरमल मोदी सेवा सदन के 69वें स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा- मरीज का इलाज सिर्फ दवाइयों से नहीं, संवेदनशील व्यवहार और भरोसे से भी होता है

रांची। नागरमल मोदी सेवा सदन ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपने सफर के 69 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर अस्पताल परिसर में 69वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अस्पताल की लंबी सेवा यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि मरीजों का इलाज करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उनके साथ संवेदनशीलता और सम्मान से पेश आना भी है।
छोटे मातृत्व गृह से बहुविशेषता अस्पताल तक का सफर
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 1958 में एक छोटे मातृत्व गृह के रूप में शुरू हुआ नागरमल मोदी सेवा सदन आज एक बड़े बहुविशेषता अस्पताल के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। करीब सात दशक की यह यात्रा सेवा, मेहनत और समाज के सहयोग का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज ही मजबूत देश की नींव तैयार करता है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को कम खर्च में बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने में सेवा सदन जैसे अस्पतालों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
‘कम खर्च, समुचित इलाज, सही व्यवहार’ को बताया अहम
राज्यपाल ने सेवा सदन के मूल मंत्र “कम खर्च, समुचित इलाज, सही व्यवहार” की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचने वाला मरीज केवल बीमारी लेकर नहीं आता, बल्कि उसके साथ चिंता और उम्मीद भी होती है। ऐसे में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का व्यवहार भी इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से चिकित्सा सुविधाओं के साथ मरीजों की सुरक्षा, साफ-सफाई और बेहतर व्यवहार पर लगातार ध्यान देने की अपील की।
आधुनिक तकनीक के साथ ट्रेनिंग और रिसर्च पर भी जोर
राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों को अपनाना जरूरी है। इसके साथ ही अस्पताल में साफ-सफाई, मरीजों की सुरक्षा, मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग और रिसर्च पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। ऐसे प्रयासों से जरूरतमंद लोगों तक बेहतर चिकित्सा पहुंचाने में मदद मिलती है।
डायलिसिस विभाग का किया निरीक्षण
स्थापना दिवस समारोह से पहले राज्यपाल ने अस्पताल के सामुदायिक डायलिसिस विभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
राज्यपाल ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी मरीजों को बेहतर इलाज के साथ भरोसा और सम्मान का अनुभव कराना भी है।
69 वर्षों की इस यात्रा में नागरमल मोदी सेवा सदन ने जिस तरह चिकित्सा सेवा को आगे बढ़ाया है, स्थापना दिवस समारोह में उसके इसी सेवा भाव और भविष्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया।











