ऑनलाइन गेमिंग का काला खेल बेनकाब! ED की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों के नेटवर्क के पीछे छिपे 3 संस्थापक गिरफ्तार
‘जल्दी पैसा कमाओ’ के जाल ने छीनी कई जिंदगियां, आत्महत्या और धोखाधड़ी के आरोपों के बाद टूटा शिकंजा

बेंगलुरु। ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों को करोड़पति बनाने के सपने दिखाने वाली कंपनी का अब डरावना सच सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘RummyCulture’ और ‘RummyTime’ जैसे रियल मनी गेमिंग ऐप्स चलाने वाली गेम्जक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के तीन संस्थापकों को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक कंपनी पर ऑनलाइन गेमिंग के जरिए बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग करने के आरोप हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन ऐप्स से जुड़े आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव के कारण कई लोगों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
ED की जांच कई राज्यों में दर्ज एफआईआर के बाद शुरू हुई थी। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि गेमिंग प्लेटफॉर्म लोगों को जल्दी पैसा कमाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। कई युवाओं ने भारी रकम गंवाई और कर्ज में डूब गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ED ने 7 मई 2026 को कर्नाटक और दिल्ली-एनसीआर में एक साथ 17 जगहों पर छापेमारी की। इन रेड्स के दौरान कंपनी के दफ्तरों और अन्य ठिकानों से कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए गए।
जांच में सामने आए सबूतों के आधार पर ED ने कंपनी के तीन संस्थापकों दीपक सिंह, पृथ्वीराज सिंह और विकास तनेजा को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA के तहत गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों के मुताबिक दीपक सिंह और पृथ्वीराज सिंह को दिल्ली-एनसीआर से पकड़ा गया है, जबकि विकास तनेजा को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया। अब तीनों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की जांच की जा रही है।
ED अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि ऑनलाइन गेमिंग के जरिए कमाए गए कथित अवैध पैसों को किन शेल कंपनियों और संपत्तियों में लगाया गया। जांच एजेंसी को शक है कि इस नेटवर्क से कई और बड़े नाम भी जुड़े हो सकते हैं।












