झारखंड का घूसखोर BPO गिरफ्तार: स्कूल के मिड डे मील के प्रतिवेदन के नाम पर 15000 रुपये मांग रहा था घूस, मोल मोलाई के बाद 8000 रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ाया

Corrupt BPO from Jharkhand arrested: He was demanding a bribe of ₹15,000 in connection with a report on the school mid-day meal scheme; after some bargaining, he was caught red-handed while accepting ₹8,000.

Jharkhand ACB Raid : घूसखोर अधिकारी 8000 रुपये लेते हुए एसीबी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है। ये कार्रवाई, झारखंड के सिमडेगा जिले में हुई है। जहां ACB ने केरसई प्रखंड में पदस्थापित एक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ACB की टीम ने प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) अनिल खलखो को 8,000 रुपये की घूस लेते पकड़ा है।

 

 

मिली जानकारी के मुताबिक स्कूल में सप्लाई किये सामिग्री के भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग की गयी थी। दरअसल केरसई थाना क्षेत्र के टेंसोर नवाटोली निवासी रंजीत खाखा ने ACB रांची कार्यालय में रिश्वत मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके विद्यालय में मिड-डे मील योजना के तहत अंडा और फलाहार वितरण के लिए कुल 1,42,638 रुपये आवंटित किए गए थे।

 

खर्च के बाद 33,426 रुपये की राशि शेष बची थी, जिसका प्रतिवेदन जमा करने के लिए वह BRCC कार्यालय पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि प्रतिवेदन स्वीकार करने और प्रक्रिया पूरी करने के बदले BPO अनिल खलखो ने उनसे 15,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। पैसे नहीं देने पर उनका काम नहीं किया जा रहा था।

 

BPO घूस लेने को लेकर इतना आतुर था कि वो पैसे नहीं देने पर धमकियां भी दिया करता था। बीपीओ ने धमकाया था कि रिश्वत की रकम नहीं दिया तो उनके खिलाफ उच्च अधिकारियों से कार्रवाई करा देगा। बातचीत के दौरान कथित तौर पर रिश्वत की राशि घटाकर 8,000 रुपये कर दी गई। इसी बीच रंजीत खाखा ने बीपीओ के खिलाफ ACB में शिकायत दर्ज करा दी।

 

शिकायत के आधार पर जब ACB ने जांच की तो पूरा प्रकरण सही पाया गया, जिसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कांड संख्या 12/26 दर्ज किया गया। जिसके बाद ACB की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया। बुधवार को जैसे ही अनिल खलखो ने शिकायतकर्ता से 8,000 रुपये की रिश्वत की रकम ली, टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।

 

हालांकि बीपीओ ने पहले एसीबी की टीम को चकमा देने की कोशिश की, लेकिन केमिकल रंगे नोट से हाथ धोते ही सभी स्थिति साफ हो गयी। अब एसीबी की टीम आरोपी बीपीओ से पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि इस मामले में पूछताछ के बाद कुछ और खुलासे हो सकते हैं। वहीं इस मामले में बीपीओ के संबंधित ठिकानों पर एसीबी की टीम रेड भी कर सकती है।

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