चमोली की सुरंग में अचानक भरा पानी-मलबा, 7 मजदूरों की मौत! झारखंड के श्रमिक भी फंसे, CM सोरेन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
पीपलकोटी की हाइड्रो परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी; 22 मजदूरों में 12 सुरक्षित निकाले गए और 3 अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

Chamoli News: उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार रात निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में अचानक पानी और भारी मलबा भरने से बड़ा हादसा हो गया। विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टनल में हुए इस हादसे में अब तक सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। हादसे के बाद रेस्क्यू टीमों ने कई श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि कुछ मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
इस हादसे की खबर सामने आने के बाद झारखंड सरकार भी सक्रिय हो गई है, क्योंकि परियोजना में झारखंड के कुछ श्रमिकों के काम करने की जानकारी सामने आई है।
टनल में अचानक घुसा पानी और मलबा
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम टनल के अंदर अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा आ गया। देखते ही देखते सुरंग का एक हिस्सा मलबे और पानी से भर गया, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए।
अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के समय टनल के अंदर 22 लोग काम कर रहे थे। इनमें से 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि तीन लोगों की तलाश जारी है। रेस्क्यू अभियान में NDRF, SDRF, ITBP और दमकल विभाग की टीमें जुटी हैं।
झारखंड के श्रमिकों को लेकर बढ़ी चिंता
चमोली टनल हादसे में झारखंड के भी कुछ श्रमिकों के फंसे होने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि खूंटी, गुमला समेत राज्य के अन्य जिलों के मजदूर इस परियोजना में काम कर रहे थे।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की। धामी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
‘विकास जरूरी, लेकिन प्रकृति की कीमत पर नहीं’
हेमंत सोरेन ने निर्माणाधीन सुरंगों में लगातार हो रहे हादसों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन इसके साथ प्रकृति और पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम बार-बार सामने आ रहे हैं और इस तरह की घटनाएं पर्यावरणीय संतुलन को लेकर सावधान करती हैं।
श्रमिकों के परिजन इन नंबरों पर करें संपर्क
झारखंड सरकार ने उन परिवारों के लिए कंट्रोल रूम के नंबर जारी किए हैं, जिनके परिजन या परिचित चमोली की परियोजना में काम करने गए हैं।
टोल फ्री हेल्पलाइन: 1800-3456-526
WhatsApp हेल्पलाइन:
9470132591
9431336472
9431336427
राज्य सरकार का कहना है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और झारखंड के श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी कई एजेंसियां
हादसे की सूचना मिलते ही SDRF, NDRF, जिला प्रशासन, ITBP और अन्य राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे। टनल के अंदर पानी का स्तर बढ़ने और मलबा जमा होने के कारण रेस्क्यू टीमों के सामने चुनौती बनी हुई है।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता टनल में फंसे या लापता श्रमिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।












