झारखंड: कॉलगर्ल की सप्लाई कर सेक्सटार्शन का करते थे धंधा, ऑनलाइन होती थी डीलिंग, फिर ब्लैकमेलिंग कर वसूलते थे लाखों रुपये, तीन गिरफ्तार

Jharkhand: They used to do sextortion business by supplying call girls, dealing was done online, then they used to extort lakhs of rupees by blackmailing, three arrested

Jharkhand Crime News : कॉलगर्ल की सप्लाई और फिर ब्लैकमेलिंग गैंग का पर्दाफाश हुआ है। ये गैंग लड़कियों की ऑनलाइन डीलिंग करता था और फिर सप्लाई कर पार्टी से सेक्सटार्शन किया करता था। अब धनबाद साइबर पुलिस ने सेक्सटॉर्शन और हनी ट्रैप के जरिए लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।

 

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पुलिस के मुताबिक बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के भीतिया इलाके में किराए के मकान में रहकर साइबर अपराधी लोगों को शिकार बना रहे थे। पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 9 मोबाइल, 14 सिम कार्ड, 13 एटीएम कार्ड और 50 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान सिकंदर यादव, चंदन यादव और विवेक साव के रूप में हुई है, जो हजारीबाग जिले के गोरहर थाना क्षेत्र के शीलाडीह गांव के रहने वाले हैं। इनमें से सिकंदर यादव और चंदन यादव चचेरे भाई हैं। ये तीनों अपराधी पहले कोलकाता में रहकर ठगी के इस गोरखधंधे को अंजाम देते थे, लेकिन बाद में उन्होंने धनबाद को अपना ठिकाना बना लिया और यहां से साइबर अपराध करने लगे।

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गिरोह के सदस्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एडल्ट ऐप्स पर विज्ञापन देकर लोगों को वेश्या उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। जब कोई व्यक्ति इनके जाल में फंसता, तो उसे ब्लैकमेल कर मोटी रकम ऐंठी जाती थी।धनबाद साइबर पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच-पड़ताल के बाद छापेमारी अभियान चलाया। बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के भीतिया में एक किराए के मकान में रहकर ये अपराधी अपने फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे।

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पुलिस ने छापेमारी के दौरान तीनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। छापेमारी स्थल से 9 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड, 13 एटीएम कार्ड और 50 हजार रुपये नकद जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे अब तक 400 से 500 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। गिरोह के शिकार हुए कई पीड़ित समाज और प्रतिष्ठा के डर से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराते थे, जिससे अपराधियों को लगातार अपने गोरखधंधे को जारी रखने का मौका मिलता था।

 

जिस मकान में ये अपराधी रह रहे थे, वह बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के भीतिया के निवासी रंजीत महतो का है। पुलिस मकान मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है, क्योंकि उन्होंने किराएदारों का पुलिस सत्यापन नहीं करवाया था। पुलिस ने मकान मालिकों से अपील की है कि वे किराए पर मकान देने से पहले पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं ताकि भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि से बचा जा सके।

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